मुख्यमंत्री धामी के आत्मनिर्भर उत्तराखंड के संकल्प से सबाना बनीं हुनर की मिसाल, घर से शुरू हुआ छोटा काम बना रोजगार का जरिया, आज महिलाओं को प्रशिक्षण देकर बना रहीं आत्मनिर्भर
नैनीताल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में महिलाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने के प्रयासों के बीच सबाना की सफलता प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने घर से छोटे स्तर पर बेबी सूट बनाने से अपने काम की शुरुआत की। संसाधन सीमित थे, लेकिन हुनर को आगे बढ़ाने का जुनून बना रहा।
प्रशिक्षण के माध्यम से उन्होंने Embroidery एवं Applique Work सीखा और घर पर विभिन्न प्रकार के कपड़े व उत्पाद तैयार करने शुरू किए। हस्तशिल्प विभाग से Artisan Card मिलने के बाद प्रदर्शनियों और मेलों में उनके उत्पादों को बाजार मिला। NABARD के सहयोग से भी उन्हें विभिन्न मेलों में अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और बेचने के अवसर मिले।
धीरे-धीरे काम बढ़ा तो उन्होंने अपने साथ अन्य महिलाओं को भी Embroidery एवं Applique Work का प्रशिक्षण देना शुरू किया। आज कई महिलाएं मिलकर ऑर्डर तैयार करती हैं और इससे अन्य महिलाओं को भी रोजगार व आय का अवसर मिल रहा है।
महिला सबाना अब स्वयं प्रशिक्षक (Trainer) के रूप में महिलाओं को हुनर सिखा रही हैं। उनका कहना है कि आगे उनका लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार से जोड़ना और अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाना है।
सबाना की कहानी बताती है कि सही प्रशिक्षण, अवसर और मेहनत मिले तो घर से शुरू हुआ छोटा हुनर भी आत्मनिर्भरता और रोजगार की बड़ी राह बन सकता है।











