जनप्रतिनिधियों-ग्रामीणों ने एक स्वर में मौतों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने व प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की
नैनीताल: ज्योलीकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों से दो मौतों तथा सैकड़ों ग्रामीणों के बीमार होने के बाद भी संक्रमण नहीं थमने से गुस्साए लोगों के सब्र का बांध टूट पड़ा। जनप्रतिनिधियों-ग्रामीणों ने एक स्वर में मौतों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने व प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की। तय किया गया कि अब ग्रामीण फरियाद लेकर किसी अधिकारी के पास नहीं जाएंगे, बल्कि अधिकारियों को खुद आना होगा।
मंगलवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे जेन जी कार्तिकेय चोपड़ा के आह्वान पर ज्योलीकोट बाजार में क्षेत्र के विद्यालयों के 11-12 वीं के छात्र-छात्राएं, शिक्षक सहित जनप्रतिनिधि एकत्र हुए। सभा में संक्रामक रोगों से काल कवलित महिला व छात्र को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। हाथों में नारे लिखे तख्तियां लेकर पहुंचे जेन जी युवाओं ने जल संस्थान के साथ ही सिस्टम के विरुद्ध जोरदार नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि पिछले दो माह से क्षेत्र में दूषित पानी से लोग बीमार हो रहे हैं, जल संस्थान व स्वास्थ्य विभाग को आगाह किया गया लेकिन दो मौतों के बाद भी हालात नहीं सुधरे हैं। क्षेत्र में लचर स्वास्थ्य सेवाओं की वजह से हल्द्वानी के निजी अस्पताल मरीजों के तीमारदारों को लूट रहे हैं। ब्लाक प्रमुख डा. हरीश बिष्ट ने जेन जी की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि अब क्षेत्रवासी अधिकारियों के पास नहीं बल्कि अधिकारियों को मौके पर आना होगा। ग्रामीण जब चाहेंगे, कमिश्नर, डीएम हो या अन्य अधिकारी आएंगे। बीडीसी सदस्य हिमांशु पाण्डे ने शासन-प्रशासन की इस मामले में हीलाहवाली पर आक्रोश जताते हुए एकजुट होकर आंदोलन पर जोर दिया। संचालन कैलाश जोशी ने किया। सभा को जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवकी बिष्ट, राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरु, सहित जेन प्रियंका बर्गली, अंशिका, समर्थ, समृद्धि, सानिया, रोशनी, वैष्णवी, सुनीता, पूर्णिमा, कल्पना, सीमा, मैरी, पुष्पा, कविता, सरिता, गीता, सीमा, मंजू, विद्या्र ममता बर्गली, जया बर्गली, तन्मय भंडारी, मयंक, अंशुल जोशी, दीपक, सागर, सराज आलम सहित अन्य थे।











