ज्योलिकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, निजी चिकित्सालयों को प्रतिदिन रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश

नैनीताल, । ज्योलिकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार निगरानी एवं आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत द्वारा जनपद के सभी निजी चिकित्सालयों को निर्देश जारी किए गए हैं कि जल जनित रोगों से संबंधित भर्ती मरीजों की दैनिक रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही आयुष्मान कार्ड के अंतर्गत भर्ती मरीजों की सूचना भी प्रतिदिन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि क्षेत्रवासियों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में निजी चिकित्सालयों के फिजिशियन एवं गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा अपनी सेवाएं प्रदान की जाएंगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 09 सितंबर को नीलकंठ हॉस्पिटल, 10 सितंबर को उजाला सिग्नस, 11 सितंबर को साई हॉस्पिटल, 12 सितंबर को सिटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, 13 सितंबर को चंदन हॉस्पिटल तथा 15 सितंबर को पुनः उजाला सिग्नस के विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं देंगे।
डॉ. रश्मि पंत ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट पहुंचकर विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं का लाभ लें तथा किसी भी प्रकार के स्वास्थ्य संबंधी लक्षण होने पर उपचार में देरी न करें।
उन्होंने बताया कि ज्योलिकोट क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा 114 घरों का सर्वेक्षण किया गया। इस दौरान लोगों को जल जनित रोगों से बचाव के संबंध में स्वास्थ्य शिक्षा दी गई तथा आवश्यक स्क्रीनिंग की गई। बीमार पाए गए लोगों को चिकित्सालय जाकर चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार लेने की सलाह दी गई। टीमों द्वारा आवश्यकता के अनुसार ओआरएस एवं जिंक का वितरण भी किया गया।
क्षेत्र में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में आज 206 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में 92 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिनमें से 11 लोगों को चिकित्सकीय निगरानी एवं उपचार के लिए भर्ती किया गया है।
क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं एवं निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए गांजा, वीरभट्टी, बेलवाखान, सरियाताल, ज्योलिकोट, भल्यूटी एवं चोपड़ा क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में नियमित सर्वेक्षण, स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य शिक्षा एवं आवश्यक उपचारात्मक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इस दौरान जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल, नोडल अधिकारी डॉ. हेमंत मर्तोलिया, स्वतिशील गुरानी, नंदन कांडपाल आदि उपस्थित रहे।
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