आलूखेत पहाड़ी में भारी भू-धसाव, झील बनने का खतरा : पूर्व सभासद डी एन भट्ट ने जताई चिंता

नैनीताल l नैनीताल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते आलूखेत क्षेत्र में पहाड़ी पर भारी भू-स्खलन और भू-धसाव शुरू हो गया है। नगर पालिका के पूर्व सभासद डीन भट्ट ने बताया कि पहाड़ी के ज्यादा बैठने से वहां छोटी झील बन सकती है।
उन्होंने बताया कि नीचे आलूखेत में पहले से ही भू-धसाव हो रहा है। ऊपर से झील से छोड़े जाने वाले अतिरिक्त पानी और बारिश के पानी के एकत्र होने से स्थिति और गंभीर हो सकती है। पूर्व सभासद ने बताया कि बीते सोमवार से हो रही तेज बारिश से आलूखेत की पहाड़ी में भू-कटाव तेज हो गया है। अगर इसी प्रकार 2-4 दिन और बारिश रही तो पहाड़ी नीचे बैठ जाएगी और पानी एकत्र होने से वहां झील बन जाएगी। उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि 1972 में जब एन.डी. तिवारी मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने हायर अथॉरिटी टीम से सर्वे कराया था। उस समय आलूखेत से बलिया नाला तक चैनलाइज करने के लिए 95 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे। लेकिन प्रशासन ने इसकी रिपोर्ट तैयार करने में ही 15 साल लगा दिए, जिससे लागत बढ़कर 45 करोड़ हो गई और काम नहीं हो सका। डीन भट्ट ने कहा कि इसी लापरवाही के परिणामस्वरूप बलिया नाले में बड़ा भूस्खलन हुआ। यदि समय पर चैनलाइज कर दिया गया होता तो इतना बड़ा नुकसान नहीं होता। उन्होंने चेतावनी दी कि अब उसी प्रकार आलूखेत की पहाड़ी में बड़ा भू-धसाव हो रहा है। अगर इसका तत्काल ट्रीटमेंट नहीं किया गया तो इस क्षेत्र में भी बलिया नाले जैसा बड़ा भूस्खलन हो सकता है। प्रशासन को इस पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। मामले में एसडीएम नवाजिश खलिक ने बताया कि कैलाखान आलूखेत पूर्व से ही भूस्खलन जोन है। भूस्खलन की सूचना पर विभागीय टीम को मौके के निरीक्षण के लिए भेजा गया है। संबंधित विभागों को रोकथाम के लिए तत्काल प्रस्ताव तैयार कर प्रशासन और शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल आबादी क्षेत्र को खतरा नहीं है, लेकिन जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थान पर विस्थापित किया जाएगा। 

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