नगर के प्रतिष्ठित ऑल सेंट्स कॉलेज में साइबर सिक्योरिटी पर कार्यशाला आयोजित हुई

नैनीताल l सरोवर नगरी के प्रतिष्ठित विद्यालय ऑल सेंट्स कॉलेज मे प्रधानाचार्या श्रीमती किरन जरमाया के दिशा निर्देशन मे एक्स्ट्रा मार्क्स कनेक्ट संस्था के तत्त्वधान मे कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं के लिए ‘साइबर सिक्योरिटी’ जैसे गंभीर मुद्दे पर इंटरएक्टिव सत्र का आयोजन किया गया।
सत्र की मेज़बानी भारत के प्रसिद्ध साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ रक्षित टंडन द्वारा की गयी। वह ‘हैकरशाला’ के निदेशक/संस्थापक और इंटरनेट एंड मोबाइल एसोशिएशन ऑफ इंडिया के साइबर अपराध सलाहकार हैं। वह सूचना सुरक्षा परिषद के निदेशक कार्यकारी भी हैं। उन्होंने 25 राज्यों व 4 केंद्र शाषित प्रदेशों मे कई कार्यशालाएं आयोजित की हैं और 5.2 मिलियन छात्रों के साथ बातचीत की है। साथ ही वे भारत समेत बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, श्री लंका व नेपाल मे पुलिस को भी ट्रेनिंग दे चुके हैं।
सत्र के दौरान उन्होंने बच्चों को बताया कि हम सभी डिजिटल दुनिया की तरफ तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और तकनीकी नवीनीकरण के क्षेत्र में इंसानों ने अद्वितीय प्रगति कर लिया है, जिसका लाभ हर किसी को मिल रहा है। लेकिन विज्ञान का दुरुपयोग होने के कारण साइबर अपराध भी तीव्रता से अपना पैर पसार रहा है।
उन्होंने छात्राओं से ट्रेंडिंग ऐप्स और गेम्स के बारे में चर्चा की। बच्चों को इंटरनेट एक्सेस करने के कानूनी पहलुओं जैसे कानूनी उम्र, नैतिकता और सोशल मीडिया और गेमिंग के उपयोग के नियमों के बारे में बताया गया और अभिभावकों और छात्राओं को वास्तविक और आभासी जीवन को विवेकपूर्ण तरीके से संभालने की सलाह दी गई। छात्राओं को साइबर बुलईंग, हैकिंग, फिशिंग, क्लोनिंग, डेटा चोरी, डिजिटल धोखाधड़ी और ग्रूमिंग जैसी विभिन्न शब्दावली से परिचित कराया गया। दर्शकों को एथिकल हैकिंग और हैकिंग के बीच के अंतर को स्पष्ट किया गया और डिजिटल व्यक्तित्व के परिणामों के बारे में बताया गया।
डॉ रक्षित टंडन जी ने छात्राओं के साथ कई केस स्टडीज साझा की गईं और उन्हें डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने के गुर भी सिखाये। उन्होंने सभी को दो-चरणीय सत्यापन, टिप्पणी नियंत्रण, एक मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने आदि जैसे विभिन्न तरीकों से अवगत कराया, जिसे छात्राएं साइबर अपराध से बचने के लिए अपना सकते हैं।
साथ ही उन्होंने छात्राओं को साइबर उत्तरदायित्व भी समझाए और ऑन लाइन जिम्मेदारी, सम्मान, करुणा, लचीलापन और अखंडता पर जोर दिया। भारत के साइबर कानूनों को भी सभी के साथ साझा किया गया। उन्होंने लाइव हैकिंग का प्रदर्शन कर छात्राओं को बताया कि किस प्रकार हमारी एक छोटी सी भूल हमें बड़ी मुसीबत मे डाल सकती है।
इंटरनेट बैंकिंग और सुरक्षित ऑनलाइन लेनदेन के लिए कुछ सुझाव साझा करते हुए सत्र का समापन किया। उन्होंने साइबर क्राइम की रिपोर्टिंग के लिए वेबसाइट भी उनके द्वारा शेयर की गयी व उन्होंने बताया कि महिलाएं और बच्चे अज्ञात रूप से www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट कर सकते हैं।
इसके साथ ही उन्होंने गुड़गांव मे होने वाले अपने इंटरंशिप प्रोग्राम के बारे मे भी बच्चों को बताया।
कार्यक्रम के अंत मे प्रधानाचार्या श्रीमती किरन जरमाया ने डॉ टंडन को धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने सत्र को ज्ञानवर्धक और प्रासंगिक बताते हुए कहा कि अब जब बहुत ही जल्द छात्राएं सर्दी की छुट्टियों के लिए अपने घर जायेंगी तो उनके पास सभी नवीन डिजिटल उपकरण मौजूद रहेंगे और ऐसे मे छात्राओं को अपनी ऑन लाइन जिम्मेदारी का एहसास होना बहुत ही महत्वपूर्ण है।
इस दौरान लांग व्यू पब्लिक स्कूल के प्रशानाचार्य श्री भुवन त्रिपाठी, वृंदावन पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती राखी साह, एक्स्ट्रा मार्क्स संस्था के संजय अधिकारी, समेत विद्यालय की छात्राएं व समस्त शिक्षक गण मौजूद रहे।
इससे पहले श्रीमती जरमाया ने सभी अतिथियों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया।











