उत्तराखंड केंद्रीय पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, संयुक्त सचिव सीजीएचएस डा. मनाशश्वी कुमार, आईएएस तथा निदेशक सीजीएचएस डा. सतीश वाई एच को पेंशनरों की स्वास्थ्य संबंधी पांच सूत्री मांगो के ज्ञापन प्रेषित किये


देहरादून I उत्तराखंड केंद्रीय पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, संयुक्त सचिव सीजीएचएस डा. मनाशश्वी कुमार, आईएएस तथा निदेशक सीजीएचएस डा. सतीश वाई एच को पेंशनरों की स्वास्थ्य संबंधी पांच सूत्री मांगो के ज्ञापन प्रेषित किये उसके पश्चात संस्था का एक शिष्टमंडल सीजीएचएस के अपर निदेशक डा. अश्वनी कुमार सेन्यारे से जीएमएस रोड़ स्थित उनके कार्यालय में मिला तथा उन्हें भी उक्त ज्ञापन सौंपा! जिसमें मांग की गई है कि (1) नैनीताल हेतू स्वीकृत अनुपयोगी सीजीएचएस वेलनेस सेंटर को शीघ्र गढ़वाल मंडल के श्रीनगर या कोटद्वार में शिफ्ट किया जाय! (2) स्वास्थ्य मंत्रालय एवं कार्मिक व पेंशन मंत्रालय के बाद वित्त मंत्रालय की स्वीकृति पर हल्द्वानी वेलनेस केंद्र शीघ्र खोला जाय (3) हाथी बड़कला स्थित सर्वे डिस्पेंसरी के दून सीजीएचएस में विलय प्रक्रिया को तीव्र गति से पूरा किया जाय (4) आयुद्ध निर्माणी अस्पताल के भवन को जरूरत के हिसाब से लीज पर लेकर उसमें पीएंडटी कालोनी में जर्जर भवन में संचालित सीजीएचएस डिस्पेंसरी को शिफ्ट किया जाय तथा (5) दून सीजीएचएस से हाल में सेवामुक्त हुए 3 डाक्टरों की जगह संविदा पर सुयोग्य डाक्टरों की शीघ्र तैनाती की जाय! अध्यक्ष- रविन्द्र सेमवाल व महासचिव सुरेंद्र चौहान ने गढ़वाल के श्रीनगर या कोटद्वार की जगह बिना किसी मांग व प्रस्ताव के मंत्रालय द्वारा नैनीताल हेतू स्वीकृति दिये जाने पर कड़ा रोष व्यक्त किया एवं इसे गढ़वाल मंडल के हजारों पेंशनरों/लाभार्थियों के हितों के विपरीत बताया!कहा कि कुमाऊं में हल्द्वानी व गढ़वाल में श्रीनगर या कोटद्वार में वेलनेस सेंटर खोलने हेतू एसोसिएशन वर्ष 2018 से सतत प्रयास करती रही है किन्तु मंत्रालय द्वारा देशभर के जिन 21 शहरों को वेलनेस सेंटर हेतू स्वीकृति दी गई है उनमें संस्था की दीर्घकालिक मांग के क्रम में नैनीताल जिले के हल्द्वानी को तो शामिल किया ही है जो न्यायोचित व स्वागत योग्य है किन्तु सूची में श्रीनगर या कोटद्वार की जगह नैनीताल को भी शामिल कर लिया गया जो हल्द्वानी से सिमित दूरी पर है जो अनुचित है ना ही यह न्यायहित व जनहित में है क्योंकि नैनीताल के लिए न कभी किसी संगठन या सांसद ने मांग की ना ही चयन प्रक्रिया में कभी प्रस्ताव या लाभार्थी डाटा प्रेषित किया गया! हल्द्वानी व श्रीनगर में वेलनेस केंद्र की मांग के क्रम में मंत्रालय द्वारा दून सीजीएचएस प्रशासन से मांगी गई रिपोर्ट पर दून अपर निदेशक द्वारा सार्थक रिपोर्ट भेजी भी गई किन्तु अचानक श्री नगर की जगह नैनीताल का चयन हास्यास्पद व चिंताजनक है जिससे गढ़वाल के पेंशनरों व एसोसिएशन को आघात पहुंचा है संगठन इसकी निंदा करता है! उक्त विसंगति पर अपर निदेशक ने भी सहमति प्रकट की तथा प्रभावी कार्यवाही का आश्वासन दिया! शिष्टमंडल में संयोजक बी.एस. नेगी, अध्यक्ष- रविंद्र सेमवाल, महासचिव -सुरेंद्र सिंह चौहान व वित्त सचिव-अनिल उनियाल शामिल थे!
संगठन की लंबित याचिका पर सोसाइटी रजिस्ट्रार उत्तराखंड द्वारा 26 अगस्त को दून केंद्रीय पेंशनर्स एसोसिएशन का नाम परिवर्तित कर “उत्तराखंड केंद्रीय पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन” कर दिया गया है जिसकी अधिसूचना 7 सितंबर को जारी की जा चुकी है I

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