कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शिवराज सिंह कपकोटी के पीएचडी का कार्य पूर्ण होने पर विभाग ने हर्ष व्यक्त किया है।

नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शिवराज सिंह कपकोटी के पीएचडी का कार्य पूर्ण होने पर विभाग ने हर्ष व्यक्त किया है। विभाग का दावा है कि विवि में यह पहला मामला है कि किसी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने पीएचडी की है l शिवराज ने बताया कि उन्होंने यूजीसी रेगूलेशन 2009-2010 के तहत पीएचडी प्रवेश परीक्षा पास कर वरीयता के आधार पर पीएचडी प्रवेश लेकर अपना शोध कार्य सम्पन्न किया है। शिवराज सिंह कपकोटी का शोध शीर्षक पद्मश्री डॉ. यशोधर मठपाल का सांस्कृतिक अवदान एक ऐतिहासिक मूल्यांकन है। उन्होंने अपना शोध प्रबंध प्रो. सावित्री कैड़ा जंतवाल के निर्देशन में पूरा किया। बताया कि विगत 20 वर्षों से डीएसबी परिसर के इतिहास विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (संविदा) पर कार्यरत है। शिवराज ने इस उपलब्धि का श्रेय माता-पिता, प्रो. अजय रावत, पद्मश्री प्रो. शेखर पाठक, कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत, प्रो. गिरधर सिंह नेगी, डॉ. भुवन चंद्र शर्मा को दिया है। उनकी इस उपलब्धि पर प्रो. संजय घिल्डियाल, प्रो. संजय कुमार टम्टा, डॉ. शिवानी रावत, डॉ. रितेश साह, डॉ. मनोज सिंह बाफिला, डॉ. पूरन सिंह अधिकरी, डॉ. हरदयाल सिंह जलाल, डॉ. विरेंद्र पाल, भुवन पाठक आदि ने हर्ष व्यक्त किया है।

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