नैनीताल के पाइंस श्मशान घाट मार्ग की बदहाली, वन विभाग की एनओसी न मिलने से सालों से अटका सुदृढ़ीकरण, पोस्टमार्टम हाउस हटाने की मांग

नैनीताल l नैनीताल के पाइंस स्थित 1939 से संचालित ऐतिहासिक श्मशान घाट तक जाने वाला 900 मीटर का मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है। मार्ग की बदहाली के कारण शोक संतप्त परिजनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को शवयात्रा के दौरान भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी चन्द्र शेखर जोशी ‘पप्पन जोशी’ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस समस्या से अवगत कराया है। पत्र में कहा गया कि यह मार्ग वन विभाग की भूमि पर है और तीखी ढलान वाला पथरीला रास्ता इतना संकरा व क्षतिग्रस्त है कि लावारिस शवों को कंधे पर ले जाना भी अमानवीय हो गया है।
पाइंस श्मशान घाट नैनीताल के समस्त सनातनी हिंदू समाज और सिख समुदाय के लिए अंतिम संस्कार का एकमात्र स्थान है। इसके बावजूद मुख्य मार्ग से घाट तक शव-वाहन नहीं पहुंच पाता। जोशी ने बताया कि उच्च न्यायालय और मुख्यमंत्री कार्यालय पूर्व में सड़क सुदृढ़ीकरण की बात कह चुके हैं। लेकिन वन भूमि होने के कारण वन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र न मिलने से कार्य वर्षों से लंबित है। उन्होंने मांग की है कि जनहित में या तो वन विभाग एनओसी जारी करे या विभागीय स्तर पर ही मार्ग को हल्के शव-वाहन योग्य बनाया जाए। पत्र में यह भी उल्लेख है कि वर्तमान पोस्टमार्टम हाउस घनी आबादी और मुख्य मार्ग पर है, जहां से महिलाओं, स्कूली बच्चों व पर्यटकों का आवागमन होता है। पाइंस श्मशान घाट के पास वन विभाग का रिक्त भवन उपलब्ध है, जहां पोस्टमार्टम हाउस को स्थानांतरित किया जा सकता है। ज्ञापन में श्मशान घाट मार्ग के सुदृढ़ीकरण हेतु वन विभाग को तत्काल एन लओ जारी करने या विभागीय स्वीकृति देने के निर्देश। पोस्टमार्टम हाउस को घनी आबादी से हटाकर पाइंस स्थित वन विभाग के रिक्त भवन में स्थानांतरित करने का शासकीय आदेश।









