नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी की दूसरी जमानत अर्जी खारिज पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट को माना अहम, गवाहों को प्रभावित करने की आशंका भी जताई
नैनीताल। नाबालिग से दुष्कर्म और अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर उसे डराने के मामले में नैनीताल की विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी की दूसरी जमानत अर्जी खारिज कर दी है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो/एफटीएससी एवं अपर सत्र न्यायाधीश सुधीर तोमर की अदालत ने पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और मामले की गंभीरता को देखते हुए यह फैसला सुनाया।
मामले में आरोपी शुभम आर्या पुत्र सतपाल राम निवासी ग्राम चम्पकोट, थाना बेतालघाट, जिला नैनीताल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 65(1), पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 और आईटी एक्ट की धारा 67ए के तहत मुकदमा दर्ज है।अभियोजन पक्ष के अनुसार, 14 अप्रैल 2026 को पीड़िता ने अल्मोड़ा थाने में आरोपी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि जब वह कक्षा नौ और दस में पढ़ती थी, उस दौरान उसकी उम्र करीब 14 वर्ष थी। आरोप है कि आरोपी ने उसे बहला-फुसलाकर उस समय शारीरिक संबंध बनाए, जब उसकी मां ड्यूटी पर जाती थीं और वह घर पर अकेली होती थी। पीड़िता के विरोध करने पर आरोपी कथित तौर पर उसे डराकर और धमकाकर जबरन शारीरिक संबंध बनाता था।अभियोजन के मुताबिक, आरोपी ने इस दौरान पीड़िता के अश्लील फोटो और वीडियो भी बनाए थे। आरोप है कि इन्हें दिखाकर उसे डराया जाता था और उसके साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनाए जाते थे। पीड़िता की ओर से शिकायत दर्ज कराने की बात कहने पर आरोपी ने 13 अप्रैल 2026 को कथित तौर पर उसके गांव पहुंचकर फोटो और वीडियो सार्वजनिक कर दिए।
विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो सुशील कुमार शर्मा ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान पीड़िता, उसकी मां और भाई अभियोजन के तथ्यों के समर्थन में बयान दर्ज करा चुके हैं। उन्होंने आशंका जताई कि आरोपी को जमानत पर रिहा करने से वह शेष गवाहों को डरा-धमकाकर प्रभावित कर सकता है।
अदालत ने पीड़िता के बयानों, मेडिकल रिपोर्ट और आरोपों की गंभीरता पर विचार करते हुए कहा कि मामला पॉक्सो एक्ट के तहत गंभीर प्रकृति के यौन अपराध से संबंधित है। मुकदमे में अभी महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही होनी शेष है। ऐसे में आरोपी की दूसरी जमानत अर्जी खारिज कर दी गई।












