रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में फैसला सुरक्षित

नैनीताल:::: उत्तराखण्ड हाईकोर्ट में हल्द्वानी में रेलवे की जमीन पर किए गए अतिक्रमण मामले में सुनवाई हुई।
आज हुई सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी नैनीताल सहित रेलवे ने अतिक्रमित भूमि की विस्तृत रिपोर्ट सहित 30 दिनों का डे प्लान कोर्ट में पेश किया। मामले में सभी पक्षों और सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जिलाधिकारी सहित रेलवे से पूछा था कि अतिक्रमणकारियों को हटाने के लिये क्या कदम अब तक उठाए गये हैं।
आपको बता दें कि 9 नवम्बर 2016 को हाईकोर्ट ने रविशंकर जोशी की याचिका पर 10 हफ्तों में रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था..हांलाकि इस आदेश के खिलाफ सरकार और अतिक्रमणकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की सुप्रीम कोर्ट ने तीन माह की राहत देते हुए हाईकोर्ट में अपनी बात रखने को कहा इसी बीच एक अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान रेलवे ने कोर्ट को बताया कि सभी 4365 अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिये हैं और मुकदमों का निस्तारण किया गया है 6 मार्च 2017 को हाईकोर्ट ने पीपी एक्ट में कार्रवाई की छूट देते हुए सभी प्रार्थना पत्रों को भी खारिज कर दिया । इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं होने पर रवि शंकर जोशी ने फिर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाने की मांग की है ताकि रेलवे सुविधाओं को विस्तार किया जा सके..साथ ही अतिक्रमण के लिये जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की भी माग कोर्ट से की गई है।

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