डीएसबी परिसर में ‘अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस’ पर आयोजित की गई 15 दिवसीय प्रदर्शनी
नैनीताल संवाददाता l डीएसबी परिसर, के इतिहास विभाग की ओर से सोमवार को’ अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस’ के अवसर पर एक ज्ञानवर्धक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें परिसर के हिमायल संग्रहालय में 15 दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है l
परिसर में आयोजित कार्यक्रम का संयोजन विभागाध्यक्ष प्रो. संजय घिल्डियाल के मार्गदर्शन में हुआ। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस की वैश्विक थीम “विभाजित विश्व को एकजुट करते संग्रहालय” रही। वहीं इतिहास विभाग की अपनी थीम हिमालयी धरोहर इतिहास, संस्कृति एवं समुदाय को जोड़ता जीवन सेतु” रखी गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को संग्रहालयों के महत्व, उनके इतिहास और सतत विकास लक्ष्यों में उनकी भूमिका से अवगत कराना था। शोध छात्र ऋषभ रावल ने पावरपॉइंट के माध्यम से संग्रहालयों की ‘रीज़िलियंस’ पर चर्चा की। उन्होंने एसडीजी -16 और एसडीजी -17 के साथ संग्रहालयों की संलग्नता को समझाया तथा डी.एस.बी. परिसर स्थित ‘हिमालय संग्रहालय’ की ऐतिहासिक धरोहरों से परिचित कराया। प्रो. संजय घिल्डियाल ने ‘संग्रहालय’ शब्द की उत्पत्ति, इतिहास और विभिन्न प्रकार के संग्रहालयों जैसे ह्यूमैनिटी म्यूजियम, विज्ञान संग्रहालय आदि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संग्रहालय केवल वस्तुओं के भंडार नहीं, बल्कि मानवीय चेतना के जीवंत दस्तावेज हैं। वर्ष 2015 में हिमालय संग्रहालय पर बनी लघु फिल्म दिखाई गई, जिसमें संग्रहालय की स्थापना और संवर्धन का सफर दिखाया गया। सभी विद्यार्थियों को हिमालय संग्रहालय की प्रदर्शनी का भ्रमण कराया गया, जहाँ उन्होंने उत्तराखंड और हिमालयी क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विरासत को करीब से देखा। इस अवसर पर विभाग की ओर से 18 मई से 1 जून तक 15 दिवसीय विशेष प्रदर्शनी का भी शुभारंभ किया गया है, जो आम छात्रों व शोधार्थियों के लिए खुली रहेगी। इस दौरान प्रो. सावित्री कैड़ा जंतवाल, प्रो. संजय कुमार टम्टा, प्रो. रीतेश साह, डॉ. शिवानी रावत, डॉ. मनोज बाफिला, डॉ. पूरन सिंह अधिकारी, डॉ. भुवन शर्मा, डॉ. वीरेन्द्र पाल आदि मौजूद रहे l










