डॉ. कुसुम शर्मा को ‘पंखुड़ी शब्द शिल्पी’ व ‘पंखुड़ी साहित्य रत्न’ पुरस्कार

नैनीताल। साहित्यिक पत्रिका ‘पंखुड़ी’ ने साहित्य सृजन और समाज सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ. कुसुम शर्मा को “पंखुड़ी शब्द शिल्पी” एवं “पंखुड़ी साहित्य रत्न” पुरस्कारों से सम्मानित किया।
शिक्षा, साहित्य और सामाजिक सरोकारों से लंबे समय से जुड़ी डॉ. शर्मा सेंट मेरीज़ कॉन्वेंट कॉलेज, नैनीताल में शिक्षिका हैं। उनकी प्रमुख पुस्तकों में ‘महाप्रभु महाराज जी: श्री नीब करौरी बाबा पावन कथामृत’, ‘भक्ति माँ मौनी माई’, ‘दिव्य मौन साधना’ और ‘राइट वे टू राइट’ शामिल हैं। उन्होंने ‘मौन अभिव्यक्ति’ पुस्तक तथा ‘भक्तिधारा’ पत्रिका का संपादन भी किया है।
डॉ. शर्मा आकाशवाणी अल्मोड़ा में नैमित्तिक उद्घोषिका रह चुकी हैं और आकाशवाणी के विभिन्न केंद्रों से उनकी रचनाओं का प्रसारण होता रहता है। इसके अलावा वे वैज्ञानिक शोध एवं विज्ञान विषयक पत्र-पत्रिकाओं में भी नियमित लेखन करती हैं।
सम्मान समारोह में ‘पंखुड़ी’ के प्रधान संपादक श्याम सिंह कुटोला, संपादक विजय बत्रा सहित ‘पंखुड़ी’ परिवार के सदस्यों ने डॉ. शर्मा को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।









