मार्गशाला फाउंडेशन को एस डीजी 8 के लिए यूएनडीपी एसडीजी अचीवर्स अवार्ड से नवाजा, स्वरोजगार फेलोशिप से 200 से अधिक युवा उद्यमों को मिला सहयोग, देवेंद्र महोरी भी बने यंग अचीवर्स

नैनीताल। उत्तराखंड में ग्रामीण युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने वाली संस्था मार्गशाला फाउंडेशन को यूएनडीपी ने एसडीजी अचीवर्स अवार्ड से सम्मानित किया है। यह सम्मान सस्टेनेबल डेवलपमेंट 8 यानी सम्मानजनक रोजगार और आर्थिक विकास के क्षेत्र में किए गए कार्यों के लिए दिया गया। पिछले छह वर्षों से फाउंडेशन ‘स्वरोजगार फ़ैलोशिप’ कार्यक्रम के तहत ग्रामीण युवाओं को व्यवसाय मजबूत करने, मेंटरशिप देने और स्थानीय रोल मॉडल बनाने का काम कर रही है। पुरस्कार प्रक्रिया के दौरान यूएनडीपी अधिकारियों ने नैनीताल आकर मार्गशाला समर्थित युवा उद्यमियों से मुलाकात की। अधिकारियों ने उद्यमियों की यात्रा, काम और स्थानीय आजीविका में उनके योगदान को जाना। इस संवाद ने पहाड़ के युवाओं की स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की क्षमता पर भरोसा बढ़ाया। इसी क्रम में स्वरोजगार फेलोशिप के पूर्व प्रतिभागी देवेंद्र महोरी, पिथौरागढ़ को एसडीजी यंग अचीवर्स अवार्ड से नवाजा गया। उनकी सफलता पहाड़ में निरंतर उद्यमिता सहयोग का परिणाम मानी जा रही है। सम्मान पर संस्थापक आद्या सिंह ने कहा, “यह पुरस्कार उत्तराखंड के ग्रामीण युवाओं के साहस की पहचान है। पहाड़ के युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, नौकरी देने वाला बनाना जरूरी है।” एसोसिएट डायरेक्टर अरुणिमा पांडे ने कहा, “हम चाहते हैं कि और युवा अचीवर बनें और दूसरों के लिए अवसर पैदा करें। हमारा लक्ष्य ऐसा माहौल बनाना है जहां पलायन मजबूरी न रहे, विकल्प बने।” अब तक मार्गशाला फाउंडेशन पर्यटन, हस्तशिल्प, कृषि, खाद्य, सेवा समेत अन्य क्षेत्रों के 200 से अधिक युवा उद्यमों को सहयोग दे चुकी है। मार्गशाला फाउंडेशन उत्तराखंड और हिमालयी क्षेत्र में ग्रामीण युवाओं की आजीविका और उद्यमिता पर काम करने वाली गैर-लाभकारी संस्था है। संस्था सीखने के कार्यक्रम, मेंटरशिप, इकोसिस्टम सपोर्ट और डिजिटल संसाधनों से युवाओं को स्थानीय आजीविका शुरू करने और बढ़ाने में मदद करती है।











