ऑल सेंट्स कॉलेज, नैनीताल में श्रमिक दिवस एवं प्रिंसिपल डे हर्षोल्लास के साथ संपन्न
नैनीताल, । ऑल सेंट्स कॉलेज में प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी श्रमिक दिवस एवं प्रिंसिपल डे उत्साहपूर्वक मनाया गया। 1 मई को अवकाश होने के कारण श्रमिक दिवस का आयोजन 2 मई को किया गया, जिसमें पूरे विद्यालय परिवार ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत कक्षा 12 की छात्राओं द्वारा आयोजित विशेष प्रार्थना सभा से हुई। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने श्रमिकों के अथक परिश्रम और उनके अमूल्य योगदान को रेखांकित किया। प्रेरणादायक विचारों, प्रार्थनाओं और संदेशों के माध्यम से सभी को यह संदेश दिया गया कि समाज और संस्थान की प्रगति में प्रत्येक कर्मी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। विद्यार्थियों ने सभी से श्रमिकों के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और कृतज्ञता का भाव रखने का आह्वान किया। साथ ही सभी विद्यार्थियों ने सामूहिक गान कर सभी के दिल को छू लिया।
इस विशेष दिन को और अधिक सार्थक बनाते हुए कक्षा 12 के विद्यार्थियों ने स्वयं रसोई का कार्यभार संभालते हुए सभी छात्रों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए स्वादिष्ट भोजन तैयार किया। भोजन तैयार करने से लेकर उसे व्यवस्थित रूप से परोसने तक की पूरी जिम्मेदारी विद्यार्थियों ने निभाई। इस पहल का उद्देश्य उन कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करना था, जो प्रतिदिन निस्वार्थ भाव से विद्यालय के सुचारु संचालन में योगदान देते हैं। विद्यार्थियों के इस प्रयास से कर्मचारियों को कुछ समय विश्राम का अवसर भी प्राप्त हुआ।
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अंजिना रिचर्ड्स ने भी इस अवसर पर सभी कर्मचारियों के लिए विशेष भोज का आयोजन कर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने अपने संबोधन में श्रमिकों के समर्पण और मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी संस्थान की सफलता उसके कर्मचारियों के परिश्रम और निष्ठा पर आधारित होती है। कर्मचारियों ने इस स्नेह और सम्मान के लिए प्रधानाचार्या का हृदय से आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने प्रधानाचार्या के प्रति भी अपनी कृतज्ञता प्रकट की और उनके नेतृत्व एवं मार्गदर्शन की सराहना की। उन्होंने भावपूर्ण शब्दों में कहा कि जहाँ प्रधानाचार्या विद्यालय की ‘इंजन’ हैं, वहीं कर्मचारी ‘पहिए’ हैं, जो संस्थान को निरंतर गतिशील बनाए रखते हैं।
इस अवसर पर विद्यालय परिसर में एकता, सहयोग और सम्मान का भाव स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ। कार्यक्रम ने सभी को यह प्रेरणा दी कि छोटे-बड़े सभी कार्य समान रूप से महत्वपूर्ण होते हैं और हर कर्मी सम्मान का अधिकारी है। यह आयोजन न केवल श्रमिकों के प्रति आभार व्यक्त करने का माध्यम बना, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर सेवा, सहानुभूति और जिम्मेदारी की भावना को भी सुदृढ़ करने में सफल रहा।











