श्रमिक नेता दलजीत सिंह पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई के खिलाफ ट्रेड यूनियनों ने कुमाऊं आईजी के माध्यम से कुमाऊं कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन

नैनीताल l श्रमिक संयुक्त मोर्चा ऊधमसिंह नगर के कार्यकारी अध्यक्ष दलजीत सिंह के विरुद्ध जिला प्रशासन की शुरू की गई गुंडा एक्ट की कार्रवाई और जिला बदर की चेतावनी के विरोध में मंगलवार को विभिन्न ट्रेड यूनियनों व सामाजिक संगठनों ने कुमाऊं कमिश्नर और पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं क्षेत्र से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने कार्रवाई को अवैध व साजिश करार देते हुए तत्काल निरस्त करने की मांग की l
जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर ने वाद संख्या-51/04 वर्ष 2026 के तहत दलजीत सिंह को चार मुकदमों के आधार पर गुंडा एक्ट का नोटिस जारी किया है। नोटिस में उन्हें जिले से निष्कासित करने की संस्तुति भी की गई है। ज्ञापन में कहा गया कि जिन चार मुकदमों को आधार बनाया गया है, उनमें से एफआईए संख्या-229/2018 में दलजीत सिंह काफी समय पहले दोषमुक्त हो चुके हैं। वहीं एफआईआर संख्या-125/2022 पर उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने स्थगन आदेश दिया हुआ है। इसके बावजूद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट में इन मुकदमों को शामिल करना न्यायालयों के आदेशों की अवमानना है। शेष दो मामलों में भी जिला एवं सत्र न्यायालय रुद्रपुर से दलजीत सिंह को जमानत मिल चुकी है।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि प्रशासन ने 11 मई 2026 को जारी नोटिस एक माह बाद जून में तामील कराया। यदि दलजीत सिंह से शांति को खतरा था तो नोटिस देने में देरी क्यों की गई।
नोटिस में दलजीत सिंह का पता “इंटरार्क कंपनी सिडकुल पंतनगर” दिखाया गया है। ज्ञापन में कहा गया कि कंपनी किसी का निवास स्थान नहीं होती। दलजीत सिंह पिछले 15-20 साल से इंटरार्क कंपनी में कार्यरत हैं। जिला बदर की कार्रवाई उनके व उनके बच्चों के सम्मानजनक जीवन और रोजगार के संवैधानिक अधिकारों का हनन है। श्रमिक नेताओं ने आरोप लगाया कि हर साल जुलाई में इंटरार्क कंपनी में वेतन समझौता होता है। ठीक इससे पहले जून में गुंडा एक्ट का नोटिस देना कंपनी प्रबंधन से सांठगांठ की ओर इशारा करता है, ताकि वेतन समझौते से ध्यान भटकाया जा सके l श्रमिक संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष दिनेश तिवारी और कार्यकारी अध्यक्ष दलजीत सिंह ने पत्रकारों से कहा कि यदि कार्रवाई पर रोक नहीं लगाई गई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से पूरे उत्तराखंड में फैलाया जाएगा। हरिद्वार सिडकुल के श्रमिक संगठनों को भी इससे जोड़ा जाएगा। इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार व जिला प्रशासन की होगी। इस दौरान श्रमिक संयुक्त मोर्चा अध्यक्ष दिनेश तिवारी, उत्तराखंड लोक वाहिनी के अध्यक्ष राजीव लोचन शाह, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के अध्यक्ष प्रभात ध्यानी, भाकपा (माले) के कैलाश चंद्र जोशी, समाजवादी लोक मंच से गिरीश आर्या, सीएसटीयू के केंद्रीय महासचिव मुकुल, इंकलाबी मजदूर केंद्र के कैलाश भट्ट सहित हरेन्द्र सिंह, मनमोहन सिंह आदि मौजूद रहे l