डीएसबी परिसर के समाजशास्त्र में दो दिवसीय सांख्यिकी प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू

नैनीताल। कुविवि के डीएसबी परिसर स्थित समाजशास्त्र विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय सांख्यिकी प्रशिक्षण कार्यशाला सोमवार को शुरू हुई। कार्यशाला में विभिन्न विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के 90 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। विशेषज्ञों ने शोध में आंकड़ों के प्रभावी विश्लेषण और सांख्यिकीय सॉफ्टवेयर के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी।
कार्यशाला का शुभारंभ अतिथियों और विभागाध्यक्षों ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. ललित तिवारी ने किया। समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. ज्योति जोशी ने स्वागत संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में शोधकर्ता बड़ी मात्रा में आंकड़ों के साथ काम करते हैं। ऐसे में सांख्यिकीय सॉफ्टवेयर का ज्ञान शोध को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करता है। उन्होंने कार्यशाला के आयोजन में सहयोग के लिए गणित विभागाध्यक्ष प्रो. एमसी जोशी और प्रो. ललित तिवारी का आभार जताया। स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय नई दिल्ली की निदेशक प्रो. नीता माथुर ने मुख्य वक्ता के रूप में कहा कि सामाजिक विज्ञान के शोध में मजबूत सांख्यिकीय विश्लेषण विश्वसनीय शोध की महत्वपूर्ण पहचान बन चुका है। कई शोधकर्ता सांख्यिकी के जटिल पक्ष को लेकर संकोच करते हैं, जबकि शोध के लिए आंकड़ों को सही ढंग से समझना और उनका विश्लेषण करना जरूरी है। उन्होंने जेएएमओवीआई को सरल, उपयोगी और अधिकांशतः निःशुल्क विकल्प बताते हुए इसके माध्यम से सांख्यिकीय विश्लेषण की जानकारी दी। इसके बाद इग्नू के डॉ. अश्विनी कुमार ने शोध में आंकड़ों के विश्लेषण की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने कहा कि शोध एक क्रमबद्ध प्रक्रिया है और शोधकर्ताओं के लिए इसके प्रत्येक चरण को स्पष्ट रूप से समझना जरूरी है। उन्होंने आंकड़ों को देखकर जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने से होने वाली संभावित त्रुटियों के प्रति प्रतिभागियों को सावधान किया। दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. धीरेंद्र प्रताप यादव ने वर्णनात्मक और आनुमानिक सांख्यिकी की अवधारणाओं, दोनों के बीच अंतर तथा शोध के लिए उपयुक्त सांख्यिकीय विधियों के चयन पर विस्तार से जानकारी दी। दोनों सैद्धांतिक सत्रों के बाद दो व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए, जिनमें प्रतिभागियों को सांख्यिकीय सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला के दूसरे दिन सांख्यिकीय विश्लेषण से जुड़े उन्नत विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां कार्यशाला की संरक्षक समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. ज्योति जोशी, विशिष्ट अतिथि गणित विभागाध्यक्ष प्रो. एमसी जोशी, समन्वयक प्रो. दीपक पालीवाल एवं डॉ. सरोज पालीवाल, पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. अर्चना श्रीवास्तव, प्रो. प्रियंका नीरज रुवाली, डॉ. ममता जोशी लोहुमी, डॉ. पूजा जोशी पालीवाल, डॉ. अनीता कुमारी, डॉ. अशोक उप्रेती, डॉ. चारु तिवारी, डॉ. आशी, डॉ. हरीश, डॉ. हरदेश कुमार, डॉ. भूमिका प्रसाद, डॉ. मोहित रौतेला, डॉ. रुचि मित्तल आदि रहे।












