उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग को खनन मामलों में दखल करने की शक्ति नही:::::::: हाईकोर्ट


नैनीताल:::::: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पिथौरागढ़ के तहसील मुनस्यारी के ग्राम बजेला में 50 वर्ष के दिए गए पट्टे निष्पादित किए जाने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि याचिका कर्ता अनुमति प्रदान करें। मामले में अंतिम फैसला पारित करते हुए न्यायालय ने कहा अनुसूचित जाति जन जाति आयोग अधिनियम 2003 के अंतर्गत अनुसूचित जाति आयोग को खनन मामलों में दखल का कोई अधिकार नहीं है अतः याचिकर्ता को खनन हेतु रोकने का आधार औचित्यहीन है।
आपको बता दे हल्द्वानी निवासी राजेंद्र सिंह दफोटी संचालक जेडी मिनरल्स द्वारा उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा है कि शासन द्वारा 23 सितंबर 2021 जेडी मिनरल्स को जनपद पिथौरागढ़ तहसील मुनस्यारी के ग्राम बजेता में कुल 17.967 हैक्टर भूमि में सोप स्टोन का खनन पट्टा 50 वर्ष की अवधि के लिए आशय पत्र स्वीकृत किया गया। उसके उपरांत दिनांक 12 नवंबर 2021 को लीज निष्पादित कर दी गई लेकिन अभी तक याचिकर्ता को वर्क ऑर्डर हेतु जिलाधिकारी द्वारा अनुमति नहीं दी जा रही है।

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