नई शिक्षा नीति के तहत स्नातक में 2 साल तक कौशल विकास का कोर्स भी पढ़ना होगा कुलपति

नैनीताल l सत्र 2022-23 से लागू की जाने वाली नई शिक्षा नीति के तहत स्नातक में दो साल तक कौशल विकास का कोर्स भी पढ़ना होगा। प्रत्येक सेमेस्टर यह कोर्स कुल 3 क्रेडिट का होगा। कुमाऊँ विश्वविद्यालय ने नई शिक्षा के तहत कौशल विकास पाठ्यक्रमों के बारे में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए है। इसमें यह व्यवस्था दी गई है कि स्नातक स्तर पर प्रत्येक विद्यार्थी को प्रथम दो वर्षों (चार सेमेस्टर्स) के प्रत्येक सेमेस्टर में तीन क्रेडिट का एक कौशल विकास कोर्स करना होगा। विद्यार्थी की ग्रेड शीट पर इनके प्राप्तांकों पर आधारित ग्रेड तो अंकित होंगे लेकिन उन्हें सीजीपीए की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा।

आज दिनांक 16 नवंबर 2022 को कुमाऊँ विश्वविद्यालय में कौशल विकास पाठ्यक्रमों के सञ्चालन हेतु कुलपति प्रो० एन०के० जोशी की अध्यक्षता में एक बैठक प्रशासनिक भवन में आयोजित की गई। जिसमें विश्वविद्यालय के परिसर एवं सम्बद्ध संस्थानों में संचालित किये जा रहे कौशल विकास पाठ्यक्रमों से सम्बंधित विभिन्न प्रकरणों के संदर्भ में दिशा-निर्देश जारी किये गए ।

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बैठक में कुलपति प्रो० एन०के० जोशी ने कहा कि महाविद्यालय / संस्थान कौशल विकास पाठ्यक्रम को अपने उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप चयनित व संचालित करेंगे। यदि कोई महाविद्यालय/संस्थान कौशल विकास के पाठ्यक्रम को लेकर किसी कंपनी से एमओयू करना चाहता है तो वह भी कर सकता है। उन्होंने कहा कि परिसर एवं सम्बद्ध संस्थानों में संचालित किये जा रहे कौशल विकास पाठ्यक्रमों के सिलेबस विश्वविद्यालय की वेबसाइट में अपलोड कर दिए हैं।

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कुलसचिव श्री दिनेश चंद्रा ने कहा कि जिन महाविद्यालयों ने विश्वविद्यालय के परिसरों में संचालित कौशल विकास पाठ्यक्रम के अलावा कोई अन्य पाठ्यक्रम संचालित किया जा रहा है, उसका सिलेबस आदि सूचनाएँ विश्वविद्यालय को तत्काल उपलब्ध कराया जायेगा ताकि विश्वविद्यालय स्तर पर अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।

इस अवसर पर कौशल विकास पाठ्यक्रम के प्रभारी डॉ० महेंद्र राणा, कम्युनिटी कॉलेज भीमताल के प्राचार्य डॉ० कुमुद उपाध्याय, उप परीक्षा नियंत्रक डॉ० अशोक कुमार, सहायक परीक्षा नियंत्रक डॉ० गगनदीप होती एवं विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं कौशल विकास पाठ्यक्रम के प्रभारी उपस्थित रहे।

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