पांच दिवसीय कार्यशाला में शास्त्रीय कला सीख रहे युवा

नैनीताल। नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने के उद्देश्य से तल्लीताल स्थित ‘वृन्दावन डांस एवं म्यूजिक एकेडमी’ में पांच दिवसीय कथक नृत्य कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला में प्रशिक्षण देने के लिए वृन्दावन के सुप्रसिद्ध युवा कथक नर्तक और कोरियोग्राफर आशीष सिंह (नृत्य मंजरी दास) को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।कार्यशाला के दूसरे दिन प्रतिभागी बच्चों को कथक की बुनियादी बारीकियों से परिचित कराया गया। मुख्य प्रशिक्षक आशीष सिंह की देखरेख में बच्चों को वंदना, आमद, हस्तक, ततकार और भूमि प्रणाम जैसी महत्वपूर्ण नृत्य विधाओं का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। बच्चों ने भी पूरी लगन के साथ इन शास्त्रीय विधाओं को सीखा।इस अवसर पर मुख्य प्रशिक्षक आशीष सिंह ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में कलात्मक प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही मंच देकर निखारने की आवश्यकता है। उन्होंने आने वाली पीढ़ी में शास्त्रीय कलाओं को जीवित रखने के लिए ऐसे सामूहिक आयोजनों को निरंतर आयोजित करने पर बल दिया। एकेडमी की इस अनूठी सांस्कृतिक पहल की स्थानीय अभिभावकों और कला प्रेमियों द्वारा काफी सराहना की जा रही है।











