कुमाऊँ विश्वविद्यालय में दो दिवसीय शोध कार्यप्रणाली प्रशिक्षण कार्यक्रम 13–14 नवम्बर को

नैनीताल। कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आइक्यूएसी एम) द्वारा प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम –उषा) के अंतर्गत बहुविषयक शिक्षा एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय (मेरु) पहल के तहत दो दिवसीय “शोध कार्यप्रणाली प्रशिक्षण कार्यक्रम” का आयोजन 13 और 14 नवम्बर 2025 को देवदार सभागार, यूजीसी–एमएमटीटीसी, द हर्मिटेज, नैनीताल में किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शोधार्थियों को आधुनिक शोध पद्धतियों, नैतिक मानकों तथा अकादमिक लेखन की नवीन तकनीकों से अवगत कराना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक प्रो. रीतेश साह, सहायक निदेशक, आईक्यूएसी ने बताया कि इस कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) नई दिल्ली, दिल्ली विश्वविद्यालय, नई दिल्ली और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की से विशेषज्ञ आमंत्रित किए गए हैं, जो शोध कार्य के विविध पक्षों पर अपने व्याख्यान देंगे। इन सत्रों में साहित्य समीक्षा और संदर्भ उपकरणों का उपयोग, प्रकाशन नैतिकता और शोध प्रसार, शोध की प्रकृति और उद्देश्य, शोध समस्या की पहचान, परिकल्पना निर्माण, डेटा संग्रह की विधियाँ, सैम्पलिंग तकनीक तथा सांख्यिकीय और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित विश्लेषण उपकरणों की जानकारी जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। साथ ही शोध लेखन की प्रभावी रूपरेखा, उद्देश्यों का निर्धारण, पद्धति का प्रस्तुतीकरण और थीसिस की संरचना पर भी विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कला, वाणिज्य, प्रबंधन और दृश्य कला संकायों के पंजीकृत शोधार्थियों के लिए आयोजित किया जा रहा है। संयोजक प्रोफेसर संतोष कुमार, निदेशक आइक्यूएसी एवं डीन, एकेडेमिक्स ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी शोधार्थियों की उपस्थिति को अनिवार्य किया है और सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित किया है।

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