मिलों पैदल चलकर चंपावत के आखिरी गांव तक चलाया जा रहा है नशा मुक्त भारत अभियान

नैनीताल l चंपावत जिले में बहुत से सुदूर क्षेत्र है जहां तक पहुंचना आसान नहीं है, पर घनश्याम ओली चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी द्वारा जिले के सुदूर क्षेत्रों और विद्यालयों में नशा मुक्ति अभियान और उनकी सुरक्षा के लिए लीगल अवेयरनेस अभियान चलाया जा रहा हुआ। आज मुख्यालय से 95 किलोमीटर दूर और 4 किलोमीटर पैदल मार्ग तय कर जीआईसी विनवालगांव और आसपास के क्षेत्रों में बच्चों को नशा मुक्ति अभियान से जोड़ा गया । जहां उन्हें नशे के दुष्प्रभाव बताए गए वहीं कैसे नशे से दूर रहकर भविष्य सुधारा जा सकता है यह भी बताया गया। गांव वालों को नशे से दूरी बनाने की अपील की गई तो बच्चों को शिक्षा और कैरियर को अपना नशा बनाने की बात पर जोर दिया गया। संस्था अध्यक्ष अजय ओली द्वारा बच्चों को कहानी के माध्यम से बताया गया की नशा शिक्षा , देश , समाज और अपने स्वास्थ्य का करना चाहिए जो हमें सफलता तक पहुंचाने का काम करेगा, न की ऐसा नशा जो हमें और हमारे समाज को खोखला करने का काम करे। साथ ही उनके प्रश्नों के जवाब में अपने भविष्य को शिक्षा और अन्य छेत्र में संवारने की टिप्स भी बताई गई। उनकी सुरक्षा को लेकर लीगल एडवाइजर चंद्रा भट्ट द्वारा नशे की कुरेतियां और पॉक्सो अधिनियम की जानकारियां बच्चों से साझा की गई। चाइल्ड हेल्पलाइन, महिला हेल्पलाइन और गौरा शक्ति एप की जानकारियां भी बच्चों से साझा की गई। संस्था अध्यक्ष ने बताया की नशा मुक्त समाज बनाने के लिए बच्चों और ग्रामीणों को कौशल विकास और अच्छी शिक्षा से जोड़ना बहुत आवश्यक है और संस्था लगातार पिछले 8 वर्षों से इस छेत्र में कार्य कर रही है। पहाड़ के सुदूर क्षेत्रों में कहीं उफनती नदियां पार कर तो कहीं पैदल लंबी चढ़ाई चढ़ कर भी भी गांव और विद्यालयों तक जा बच्चों को जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने बताया की इन कार्यक्रमों को रिपोर्ट भी जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री को साझा की जाएंगी ताकि पहाड़ी क्षेत्रों नशे को और उसके दुष्प्रभावों को कम किया जा सके और बच्चों और ग्रामीणों को शिक्षा और स्वरोजगार जैसी चीजों से जोड़ा जा सके , विद्यालयों में जाकर लगता है की चंपावत के बच्चों में निश्चित ही कुछ कर गुजरने की क्षमता है बस उन्हें सही राह दिखाने की आवश्यकता है।









