आनंदशाला शिविर में बच्चों को प्रकृति से जोड़ना सिखाया।


देहरादून। शैल कला एवं ग्रामीण विकास समिति (पंजी.1988) के तत्वाधान में 15 दिवसीय आनंदशाला शिविर (समर कैंप) में छात्र-छात्राओं को हिंदी एवं अंग्रेजी के अर्थ लिखकर याद करने के लिए दिए गए । आज सभी ने नमस्ते जी एवं नेता जी की खोज खेल कर अपना मनोरंजन किया। पर्यावरण एवं क्रियात्मक कार्य हेतु आज सभी ने ग्रुप में विभिन्न पेड़ों कि पत्तियों से अलग-अलग कला कृतियां बना कर तैयार की।
संवाद सत्र में प्रत्येक छात्र द्वारा अपनी प्रगति रिपोर्ट की जानकारी दी। सभी ने अपने प्रतिदिन के अनुभव साझा किए, सभी को मार्केटिंग की बारीकियों से अवगत करवाते हुए कार्यक्रम से सम्बन्धित अखबार निकालने पर चर्चा की गई। मार्केटिंग में व्यवहार कुशलता पर ध्यान देने के लिए कहा गया क्योंकि व्यापार करने के लिए मृदुल भाषी एवं सहनशीलता होनी अति आवश्यक चाहिए। डॉ स्वामी एस चंद्रा एवं नीरज उनियाल ने मार्गदर्शन किया तथा खेल करवाने हेतु दिशा निर्देश दिए।
आज यूपीईएस से जस अरोड़ा, राम्या गुप्ता, अंशिका यादव, काव्या मंडल, कृष कुमार, वर्णिका पंत, सम्मेद जैन, यूआईटी से आदित्य कंडवाल देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी से सुश्री मंशा राय, समृद्धि, रेशम, तुषार रावत, अखिल रावत, पायल कुमारी दास तथा जयपुर से विदूषी भारद्वाज, अदिति शर्मा ने भाग लिया।अंत में सभी को जलपान कराया गया।