सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो/पोस्ट की सत्यता की जांच के आदेश, शिकायतों पर तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी

नैनीताल । सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक व्यक्ति द्वारा विभिन्न राजस्व कार्यों के लिए “निर्धारित रेट/फीस” बताए जाने वाले वीडियो/पोस्ट वायरल होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल ने संज्ञान लिया है। वायरल सामग्री में राजस्व विभाग के अधिकारियों—विशेषकर पटवारी, तहसीलदार एवं उप जिलाधिकारियों—के संबंध में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जिलाधिकारी ने ऐसे आरोपों को राजकीय कार्यप्रणाली की पारदर्शिता एवं अखंडता को प्रभावित करने वाला बताते हुए तत्थ्यात्मक जांच (Fact-Finding Inquiry) के आदेश जारी किए हैं। इस संबंध में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) शैलेन्द्र सिंह नेगी को जांच अधिकारी नामित किया गया है। जांच अधिकारी को निम्न बिंदुओं पर विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए गए हैं— सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो/पोस्ट की सत्यता, स्रोत एवं मूल अपलोडर की जांच वीडियो/पोस्ट में दर्शाए गए ‘सरकारी कार्यों के रेट/अवैध वसूली’ की तथ्यात्मक पुष्टि संबंधित राजस्व अधिकारियों—पटवारी, तहसीलदार एवं उप जिलाधिकारी—से संलग्न अभिलेख/दस्तावेजों का परीक्षण शिकायतों के सत्य होने पर स्पष्ट अभिलेखीय साक्ष्य सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करना वायरल सामग्री से उत्पन्न सामाजिक विधिक दुष्प्रभाव एवं जनमानस पर प्रभाव का आकलन

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आवश्यकता अनुसार सभी पक्षों के बयान दर्ज करना व अभिलेखों की जांच

जांच अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे 15 दिसंबर 2025 तक अपनी विस्तृत एवं तथ्यपूर्ण जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।

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साथ ही, जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच अवधि में कोई भी अधिकारी/कर्मचारी इस प्रकरण से संबंधित किसी मीडिया प्लेटफॉर्म पर बयान/स्पष्टीकरण जारी नहीं करेगा। ऐसा किया जाना आचरण नियमावली का उल्लंघन माना जाएगा।

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