कुमाऊँ आयुक्त, दीपक रावत, ने हल्द्वानी तहसील का निरीक्षण किया; लंबित राजस्व मामलों के शीघ्र निस्तारण, व्यवस्थित वसूली और अनुशासनहीन फाइलों की जांच के निर्देश

हल्द्वानी l आयुक्त/सचिव मुख्यमंत्री, दीपक रावत, ने हल्द्वानी तहसील का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा, “माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश हैं कि तहसील, सब-रजिस्ट्रार ऑफिस जैसे कार्यालय ऐसे हैं जहाँ आम जनता का रोज़ाना संपर्क होता है। इनकी समय-समय पर जाँच आवश्यक है और प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। इस क्रम में यह निरीक्षण किया गया।” निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने तहसील परिसर की सफाई, शौचालय, पार्किंग व्यवस्था और सुरक्षा से संबंधित प्रावधानों की समीक्षा की। उन्होंने मुख्य गेट पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, शौचालयों की नियमित सफाई और जल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा पार्किंग क्षेत्र को सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए। गत वर्ष से लंबित प्रकरणों सहित इस वर्ष 1 जनवरी से अब तक कुल 7000 प्रकरण तहसील में दर्ज हैं, जिनमें से 1044 लंबित हैं। आयुक्त ने निर्देश दिए कि पुराने मामलों की सुनवाई में लंबी तिथियां न दी जाएँ और तीन साल से अधिक पुराने मामलों को अगले तीन माह में निस्तारित किया जाए। आयुक्त द्वारा निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि सुपरवाइजर कानूनगो (एस॰के) द्वारा धारा 143 से संबंधित अभिलेख अपने घर पर रखी गई थीं। आयुक्त स्वयं उनके घर पहुंचे और फाइलों की जांच की। उन्होंने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए संबंधित कानूनगो के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही जिलाधिकारी को भी निर्देशित किया कि सभी फाइलों की जांच की जाए और इस प्रकार की पुनरावृत्ति न हो। इसके अलावा, तहसील में दाखिल-खारिज और नोटशीट संबंधी प्रक्रियाओं की समीक्षा की गई। कुछ मामलों में नोटशीट में वर्तमान स्थिति और कार्यवाही का विवरण नहीं लिखा गया था। इन मामलों में भी निर्देश दिए गए कि संबंधित आदेशों का पालन सुनिश्चित किया जाए और रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत की जाए। साथ ही यह जानकारी मिली कि इस वर्ष अब तक ₹3.45 करोड़ की वसूली हो चुकी है और ₹4.99 करोड़ की वसूली अभी और होनी है। आयुक्त ने संतोष व्यक्त किया और निर्देश दिए कि वसूली मामलों की सूची सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाए। अंततः आयुक्त ने कहा कि हल्द्वानी तहसील में व्यवस्थाओं और प्रक्रिया सुधार के लिए निरंतर निगरानी की जाएगी। सभी अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण, पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जनता को सुचारु और भरोसेमंद सेवा उपलब्ध हो सके। निरीक्षण के समय सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान, तहसीलदार मनीषा बिष्ट सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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