क्षेत्र के विभिन्न मेडिकल स्टोरों का संयुक्त औचक निरीक्षण किया गया

नैनीताल । उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं जिला न्यायाधीश /अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून हरीश कुमार गोयल के निर्देशों के अनुपालन में आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण औषधियां उपलब्ध कराने तथा औषधि विक्रय से संबंधित निर्धारित वैधानिक प्रावधानों के अनुपालन को सुनिश्चित किये जाने के उद्देश्य से 11 अगस्त, 2026 को सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्रीमती सीमा डुँगराकोटी द्वारा “सेफ़ ड्रग्स: सेफ लाइफ” कैंपेन के तहत ड्रग विभाग के साथ मसूरी, क्षेत्र के विभिन्न मेडिकल स्टोरों का संयुक्त औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें मानेन्द्र सिंह राणा, वरिष्ठ औषधि निरीक्षक ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, विनोद जगूड़ी, औषधि निरीक्षक ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, जनपद देहरादून शामिल रहे।

निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोर्स में औषधियों के रखरखाव, अभिलेखों के संधारण, औषधियों के विक्रय संबंधी नियमों तथा अन्य वैधानिक प्रावधानों सहित स्टोर्स के लाइसेंस, फार्मासिस्ट रिकॉर्ड, एक्सपायर दवाईयां तथा उनके निपटारे की प्रक्रिया, सी०सी०टी०वी० संचालन आदि की विस्तृत जांच की गयी तथा आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये गए।

हैमर्स मेडिकोज, मसूरी, देहरादून स्टोर में एक पुरुष कर्मचारी उपस्थित पाया गया। फॉर्मासिस्ट अनुपस्थित और स्टोर का मालिक उपस्थित पाये गए। मेडिकल स्टोर पर रखी अन्य दवाईयों के साथ एक्सपायर दवाईयां भी पायी गई। मेडिकल स्टोर में दवाईयों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार की दैनिक उपभोग की वस्तुएं भी विक्रय हेतु रखी गई थी। सी०सी०टी०वी० कैमरे भी नहीं पाए गए। रैक में अत्यधिक गंदगी और धूल पायी गयी। उक्त स्टोर में अत्यधिक अनियमितताओं के मद्देनजर, निरीक्षण टीम द्वारा स्टोर में दवाईयों के कय-विक्रय पर रोक लगाई गयी तथा कार्यालय खाद्य एवं औषधि प्रशासन में नोटिस का जवाब देने के निर्देश दिये गए। साथ ही कडी चेतावनी दी गयी कि यदि स्टोर चालक द्वारा उक्त अनियमितताओं का संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया, तो स्टोर का लॉईसेन्स निरस्त करने की कार्यवाही की जायेगी।

पायनियर मेडिकल स्टोर, मसूरी, देहरादून स्टोर में निरीक्षण के दौरान फॉर्मासिस्ट और स्टोर का मालिक उपस्थित मिले। एक्सपायर दवाईयों का रख-रखाव अव्यवस्थित पाया गया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि स्टोर में दवाईयों के साथ अन्य सामान भी बेचा जा रहा है। फ्रिज चालू अवस्था में मिला, किंतु फ्रिज में तापमान डिस्प्ले नहीं था एक्सपायर दवाईयों के निपटारे की प्रकिया के सम्बंध में पूछताछ की गयी तो मौके पर एक्सपायर दवाईयां नहीं मिली। स्टोर मालिक द्वारा बताया गया कि सभी एक्सपायर दवाईयां कम्पनी को वापस कर दी गई है। नारकोटिक्स दवाईयों के कय-विक्रय का रिकॉर्ड दिखाया गया। कुछ आवश्यक दिशा-निर्देश स्टोर मालिक को दिये गये।

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अग्रवाल मेडिकोज, मसूरी, देहरादून

स्टोर पर स्टोर मालिक मौजूद मिला परंतु फार्मासिस्ट अनुपस्थित थी, पूछने पर बताया गया कि वह 10 दिन की छुट्टी पर गई है। फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दवाईयां बेची जा रही थी। फ्रिज में रखी वैक्सीन सही तापमान पर नहीं पायी गयी। रैक में कई एक्सपायर दवाईयां बैची जाने वाली दवाईयों के साथ पायी गई जिसका कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया। कई दवाईयां कटी हुई अवस्था में पायी गयी तथा उचित साफ-सफाई भी स्टोर में नहीं पायी गयी। इस प्रकार कई गंभीर अनियमिताओं के चलते स्टोर को बंद कराया गया तथा स्टोर में दवाईयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगाई गयी।

ऑप्टिशियन मेडिकल स्टोर, मसूरी देहरादून- स्टोर पर मालिक मौजूद मिले परंतु

फार्मासिस्ट अनुपस्थित थी, पूछने पर बताया गया कि वह एक हफ्ते की छुट्टी पर गई है। फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दवाईयां बेची जा रही थी। स्टोर में निरीक्षण के दौरान फॉर्मासिस्ट और स्टोर का मालिक उपस्थित मिले। एक्सपायर दवाईयों का रख-रखाव अव्यवस्थित पाया गया।। फ्रिज खराब अवस्था में मिला जिस पर फ्रिज को बदलने के निर्देश दिये गये। उक्त स्टोर में भी अनियमितताओं के मद्देनजर, निरीक्षण टीम द्वारा
स्टोर को तत्काल बंद कराया गया तथा स्टोर में दवाईयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगाई गयी

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ए० जेम्स एंड को० मेडिकल स्टोर, मसूरी, देहरादून- स्टोर में निरीक्षण के दौरान

फॉर्मासिस्ट और स्टोर का मालिक उपस्थित मिले। लाईसेंस मागने पर मालिक द्वारा लाईसेंस नहीं दिखाया गया पता चला कि लाईसेंस एक्सपायर हो गया है नियत समय में लाईसेंस के नवीनीकरण के संबंध में भी कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये गये। एक्सपायर दवाईयां रैक में अन्य दवाईयों के साथ मिली हुई पायी गयी। दवाईयों के क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड भी व्यवस्थित नहीं पाया गया। दवाईयों के रैक में साफ-सफाई भी कम थी । निरीक्षण टीम द्वारा उचित दिशा-निर्देश दिए गए तथा स्टोर की सारी व्यवस्थाएं पूर्ण होने पर ही स्टोर को पुनः खोलने का आदेश दिया गया। इस दौरान दवाईयों के क्रय-विक्रय पर पूर्ण रोक लगाने के साथ-साथ अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा कहा गया कि इस प्रकार के निरीक्षणों का उद्देश्य केवल नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही करना नहीं है बल्कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य एवं उनके वैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। औषधियों की गुणवत्ता एवं उसके सुरक्षित वितरण से सीधे तौर पर आमजन का स्वास्थ्य जुडा है, इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।

सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्रीमती सीमा हुँगराकोटी ने कहा कि प्राधिकरण जनहित से जुडे महत्वपूर्ण विषयों पर निरंतर निगरानी एवं जागरूकता की दिशा में कार्य कर रहा है। आमजन के स्वास्थ्य एवं उनके मूलभूत अधिकारों की सुरक्षा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, की प्राथमिकताओं में शामिल है। विशेष रूप से दूरस्थ एवं पर्यटन क्षेत्रों में संचालित स्वास्थ्य एवं औषधि संबंधी प्रतिष्ठानों में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

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