वन्देमातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार में भव्य कार्यक्रम

नैनीताल। पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार, नैनीताल परिसर में राष्ट्रगीत ‘वन्देमातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों, आचार्यों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत वातावरण में सभी ने एक साथ राष्ट्रगीत वन्देमातरम् का सामूहिक गान किया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता अतिथि ब्लॉक प्रमुख भीमताल डॉo हरीश सिंह बिष्ट,संरक्षक कामेश्वर प्रसाद काला , विशिष्ट अतिथि विमला अधिकारी, तथा अध्यक्षता स्थानीय विधायक सरिता आर्य उपस्थित रहीं। वहीं सत्यापन अधिकारी के रूप में डॉ. नरेंद्र तथा विद्यालय के प्रधानाचार्य डा सूर्य प्रकाश रहे । विद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों एवं अधिकारियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यार्थियों द्वारा योग एवं व्यायाम प्रदर्शन से हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित एवं सामूहिक रूप से विभिन्न योगासन एवं व्यायाम प्रस्तुत किए। योग एवं व्यायाम के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्वस्थ शरीर, अनुशासन, एकता तथा राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश दिया। वन्देमातरम् का सामूहिक गान किया गया। निर्धारित समय पर विद्यालय परिसर में उपस्थित सभी विद्यार्थियों, आचार्यों एवं कर्मचारियों ने एक साथ राष्ट्रगीत का गायन किया। इस अवसर पर पूरा विद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति के भाव से गूंज उठा। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह, अनुशासन एवं गौरव के साथ वन्देमातरम् का सामूहिक गायन किया।

मुख्य वक्ता अतिथि ब्लाक प्रमुख डा हरीश सिंह बिष्ट जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि वन्देमातरम् भारत की राष्ट्रीय चेतना और मातृभूमि के प्रति श्रद्धा का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को समझें तथा अनुशासन, संस्कार और सेवा-भाव को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
विशिष्ट अतिथि विमला अधिकारी जी ने कहा कि वन्देमातरम् ने देशवासियों में स्वतंत्रता, स्वाभिमान और राष्ट्रप्रेम की भावना को जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विद्यार्थियों से भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्र की गौरवशाली परंपराओं को समझने और उन्हें आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक सरिता आर्य ने की उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वन्देमातरम् केवल एक राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति श्रद्धा और समर्पण की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को देश के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन में वन्देमातरम् के योगदान से परिचित कराना आवश्यक है। विद्यार्थियों को राष्ट्रहित में सकारात्मक एवं रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
सत्यापन अधिकारी डॉ. नरेंद्र जी ने कार्यक्रम के उद्देश्य एवं निर्धारित गतिविधियों के संबंध में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने विद्यालय द्वारा कार्यक्रम के सुव्यवस्थित आयोजन की सराहना की।

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विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. सूर्य प्रकाश जी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए कहा कि वन्देमातरम् भारत की राष्ट्रीय चेतना, मातृभूमि के प्रति सम्मान और राष्ट्रप्रेम की भावना का महत्वपूर्ण प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इसके 150 वर्ष पूर्ण होना भारतीय इतिहास की एक महत्वपूर्ण यात्रा का स्मरण करने का अवसर है।
प्रधानाचार्य जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रप्रेम केवल नारों अथवा कार्यक्रमों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह हमारे आचरण, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और समाज के प्रति जिम्मेदारी में दिखाई देना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में अच्छे संस्कार, अनुशासन, परिश्रम एवं सेवा-भाव को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।
उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक रूप से सक्षम बनाना ही नहीं, बल्कि उन्हें संस्कारवान, अनुशासित, कर्तव्यनिष्ठ एवं राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बनाना भी है। वन्देमातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने का यह आयोजन विद्यार्थियों को अपने देश की गौरवशाली परंपरा एवं स्वतंत्रता संघर्ष से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
इस अवसर पर वक्ताओं ने वन्देमातरम् के ऐतिहासिक एवं राष्ट्रीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह भारत की मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रप्रेम की अभिव्यक्ति है। इसके 150 वर्ष पूर्ण होना भारतीय राष्ट्रीय चेतना की दीर्घ यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है।
विद्यार्थियों को वन्देमातरम् के इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका तथा राष्ट्र के प्रति उनके कर्तव्यों से परिचित कराया गया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, एकता, सेवा-भाव एवं भारतीय संस्कृति के प्रति गौरव की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।

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कार्यक्रम का सफल सञ्चालन डा माधव प्रसाद त्रिपाठी तथा अतुल पाठक ने किया । कार्यक्रम में संयोजक पवन कुमार जोशी ,शैक्षिक प्रभारी उमेश शर्मा ,सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य मनोज भट्ट , शैक्षिक समन्वयक डा दिनेश नयाल, संजय मिश्रा, निपेंद्र , विक्रांत , अमित , दिलीप के साथ साथ ग्राम प्रधान सारियाताल हरगोविंद रावत साहित विद्यालय के सभी आचार्य छात्र तथा स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित थे ।

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