राजभाषा गौरव पुरस्कार से सम्मानित हुए प्रो. अतुल जोशी

नैनीताल। कुमाऊं विवि में वाणिज्य विभाग के संकायाध्यक्ष एवं विभागाध्यक्ष प्रो. अतुल जोशी को राजभाषा हिन्दी में ज्ञान विज्ञान के क्षेत्र में मौलिक पुस्तक लेखन के लिए वर्ष 2022-23 के राजभाषा गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह पुरस्कार राज्यसभा के उपाध्यक्ष हरवंश नारायण सिंह, संसदीय राजभाषा समिति के उपाध्यक्ष भर्तृहरि महताब, केंद्रीय एमएसएमई राज्य मंत्री भानु प्रताप सिंह वर्मा, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्र, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार ने संयुक्त रूप से हिन्दी दिवस के अवसर पर प्रदान किया।
छत्रपति शिवाजी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स पुणे, महाराष्ट्र में आयोजित तृतीय अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में हुए पुरस्कार वितरण समारोह में कई विभूतियों को सम्मानित किया गया। प्रो. अतुल जोशी को भारतीय हिमालय: जीवन और जीविका पुस्तक लेखन के लिए प्रथम पुरस्कार के अंतर्गत प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह के साथ दो लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई। प्रो. जोशी इससे पूर्व राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक रहते हुए राष्ट्रपति पुरुस्कार-2015 से भी सम्मानित हो चुके हैं। उल्लेखनीय है, कि कुछ दिन पूर्व ही प्रो. अतुल जोशी को इस पुस्तक के लिए कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. डीएस रावत की ओर से वाईपीएस पांगती रिसर्च पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था। इस पुस्तक की समीक्षा वरिष्ठ पर्यावरणविद एवं इतिहासकार प्रो. अजय रावत तथा डॉ. अरुण कुकशाल ने की है।
बता दें कि वर्ष 2015-16 से आधुनिक ज्ञान विज्ञान की विभिन्न विधाओं में राजभाषा हिन्दी के प्रयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इन विधाओं में राजभाषा हिन्दी में मौलिक पुस्तकों के लेखन को प्रोत्साहित करने के लिए राजभाषा गौरव पुरस्कार की शुरुआत की गई थी। इसके तहत तीन श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाते हैं। प्रथम श्रेणी में भारत के नागरिकों को हिन्दी में ज्ञान विज्ञान मौलिक पुस्तक लेखन के लिए, द्वितीय श्रेणी में केंद्र सरकार के कार्मिकों (सेवानिवृत्त सहित) को हिन्दी में मौलिक पुस्तक लेखन के लिए तथा तृतीय श्रेणी में केंद्र सरकार के कार्मिकों (सेवानिवृत्त सहित) को हिन्दी में उत्कृष्ट लेख के लिए राजभाषा गौरव पुरस्कार दिया जाता है। राजभाषा गौरव पुरस्कार के तहत प्रथम पुरुस्कार में दो लाख की राशि, द्वितीय पुरुस्कार में एक लाख 25 हजार की राशि, तृतीय पुरुस्कार में ₹75 हजार की राशि, प्रोत्साहन पुरुस्कार में दस हजार की राशि के साथ ही प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया जाता है।









