पाषाण देवी के अनन्य भक्त जनरल खंडूरी नहीं रहे: मुख्य पुजारी जगदीश भट्ट ने साझा कीं यादें


नैनीताल। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (रिटायर्ड) भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर सरोवर नगरी नैनीताल में गहरा शोक है। विशेष रूप से प्रसिद्ध पाषाण देवी मंदिर के मुख्य पुजारी जगदीश भट्ट ने उनके निधन को एक व्यक्तिगत क्षति बताया है। पुजारी भट्ट ने खंडूरी जी के साथ जुड़ी पुरानी यादों को साझा करते हुए बताया कि जनरल साहब का इस मंदिर और नैनीताल से कितना गहरा और आत्मीय नाता था।
पुजारी जगदीश भट्ट के अनुसार, “खंडूरी जी की माता रानी के प्रति अटूट आस्था थी। उनके लिए राजनीति से ऊपर भक्ति और सेवा थी।” पुजारी भट्ट ने उस ऐतिहासिक पल को याद करते हुए बताया कि जब 8 मार्च 2007 को उन्होंने पहली बार मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली, तो उसके ठीक अगले दिन वे सीधे पाषाण देवी मंदिर पहुँचे थे। उन्होंने प्रोटोकॉल की परवाह किए बिना एक साधारण भक्त की तरह ठंडी सड़क पर पैदल चलकर माता के दरबार में मत्था टेका था।
भट्ट ने बताया कि खंडूरी जी जब भी नैनीताल के दौरे पर आते थे, मंदिर जरूर आते थे। उनकी सादगी का आलम यह था कि वे घंटों मंदिर परिसर में बैठकर आध्यात्मिक शांति महसूस करते थे। उनके कार्यकाल में मंदिर के विकास में भी काफी मदद मिली। आज उनके जाने से पाषाण देवी मंदिर ने अपना एक सबसे समर्पित भक्त खो दिया है।