मंगलवार को विद्यालय में बाल संसद का गठन चुनाव के माध्यम से किया गया
नैनीताल । मंगलवार को विद्यालय में बाल संसद का गठन चुनाव के माध्यम से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा सयुंक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। चुनाव में रिया शर्मा अध्यक्षा, अवनी नेगी उपाध्यक्षा, परिनिधि भंडारी सेनापति, कंचन जीना उपसेनापति, काव्या राणा वंदना प्रमुख, मानस शर्मा खेल एवं शारीरिक प्रमुख, भावेश शर्मा सांस्कृतिक प्रमुख, नितिन शर्मा भोजन प्रमुख, कुलदीप आर्या चिकित्सा प्रमुख, रितिका जीना उद्यान प्रमुख, युवानी लटवाल खोया पाया विभाग प्रमुख, शिवज बिष्ट प्रतियोगिता प्रमुख, उर्वशी आर्या जयंती प्रमुख, हर्षिता लटवाल विद्युत एवं ध्वनिवर्धक प्रमुख, सुजल कुमार जल एवं स्वच्छता प्रमुख पदों पर मनोनयित हुए।
इसी क्रम में चुनाव के पश्चात मनोनयित पदाधिकारियों को विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। शपथ ग्रहण समारोह में आनंद सिंह नेगी अध्यक्ष, एवं मुख्य वक्ता गोविंद सिंह नयाल प्रबंधक प्रबन्ध समिति उपस्थित रहे रहे।
आनंद सिंह नेगी एवं गोपाल सिंह न्याल द्वारा भैया बहिनो को चुनाव के महत्त्व की जानकारी दी गयी। भैया बहिनो के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सोनम शर्मा एवं कु. गीता शर्मा द्वारा सयुंक्त रूप से किया गया।
बाल संसद चुनाव और शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानाचार्य द्वारा भैया बहिनो को आशीर्वचन :- मुख्य उद्देश्य बच्चों में नेतृत्व, अनुशासन, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करना होता है।
आज का दिन हमारे विद्यालय परिवार के लिए अत्यंत गौरव और उत्साह का क्षण है। आप सभी ने बाल संसद के चुनावों में जिस परिपक्वता का परिचय दिया है और नव-निर्वाचित पदाधिकारियों ने पद व गोपनीयता की जो शपथ ली है, वह हम सभी के लिए प्रेरणादायक है।नेतृत्व और जिम्मेदारी:पद केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है। जो विश्वास आपके साथियों ने आप पर जताया है, आपको अपने कार्यों, व्यवहार और उत्कृष्ट आचरण से उस पर खरा उतरना है।लोकतांत्रिक मूल्यों का विकास:बाल संसद आपको न केवल विद्यालय प्रबंधन में सहयोग करना सिखाती है, बल्कि आपको भविष्य के जिम्मेदार नागरिक के रूप में भी तैयार करती है। अपनी टीम के साथ मिलकर विद्यालय की स्वच्छता, अनुशासन और पठन-पाठन के वातावरण को और बेहतर बनाने में अपना सक्रिय योगदान दें।सहयोग की भावना:जो भैया-बहन आज किसी पद पर नहीं चुने गए हैं, वे निराश न हों। लोकतंत्र में भागीदारी ही सबसे बड़ी जीत होती है। सभी मंत्री और सांसद अपने सहयोगियों को साथ लेकर चलें, क्योंकि सच्ची सफलता ‘हम’ की भावना में ही निहित है, ‘मैं’ में नहीं।मैं मां सरस्वती से आप सभी के उज्ज्वल भविष्य और कर्तव्यनिष्ठा के लिए प्रार्थना करता हूँ। आप अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करें और विद्यालय का नाम रोशन करें।
ढेर सारा आशीर्वाद और शुभकामनाएँ।










