स्वास्थ्य को लेकर भीमताल ने दो दिवसीय कार्यशाला शुरू

नैनीताल: कुमाऊँ विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग, सर जेसी बोस तकनीकी परिसर, भीमताल में शुक्रवार को पीएम यूएसएचए एमइआरयू दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू हो गई है। कार्यशाला में वक्ताओं ने मानसिक रोग से बचाव को महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए। निदेशक प्रो एलके सिंह ने कहा कि कार्यशालाओं के जरिए स्वास्थ्य और और सामाजिक दायरे को सही दिशा मिलती है। यह कार्यशाला मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बेहद महत्वपूर्ण है। वर्तमान में सुविधाएं बढ़ी हैं तो तनाव भी बढ़ा है। मानसिक तनाव से निजात पाने के लिए यह कार्यशाला महत्वपूर्ण साबित होगी। कार्यक्रम की सह-संयोजक प्रो वीना पाण्डे ने कार्यशाला में आये सभी अतिथियों का स्वागत करते हुये कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति माननीय प्रो० दीवान सिंह रावत के प्रयासों एवं मार्गदर्शन हेतु उनका आभार व्यक्त किया । जिसके फलस्वरूप ही विश्वविद्यालय में पठन-पाठन के साथ-सांथ विद्यार्थियों के चौंः मुखी विकास हेतु समय-समय पर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन सम्भव हो पा रहा है। कार्यक्रम में आये सभी प्रतिभागियों को प्रो० एल०के० सिंह, निदेशक, सर जे०सी० बोस तकनीकी परिसर, भीमताल, प्रो लता पाण्डे, समन्वयक और प्रो केके पाण्डेय, पूर्व निदेशक, उच्च शिक्षा, उत्तराखण्ड द्वारा सम्बोधित किया गया एवं कार्यशाला की महत्ता तथा विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया। कार्यशाला के प्रथम चरण में अतिथि व्याख्याता डॉ युवराज पंत, वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक, सरकारी मैडिकल कॉलेज, हल्द्वानी ने स्वास्थ्य पर विस्तृत प्रकाश डालते हुये प्रतिभागियों को मानसिक स्वास्थ से बचाव के बारे में अवगत कराया। उसके पश्चात डॉ० दीपक पाण्डे ने प्रतिभागियों के सांथ विस्तारपूर्वक चर्चा की। कार्यशाला का संचालन डॉ० मंजु तिवारी, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, भीमताल द्वारा किया गया। कार्यशाला में प्रो० अर्चना नेगी साह, प्रो० कुमुद उपाध्याय, डॉ० तीरथ कुमार, डॉ० संतोष उपाध्याय, डॉ० मयंक पाण्डेय, डॉ० रागिनी पंत, सभी कर्मचारीगण सहित 150 से अधिक प्रतिभागी उपस्थित रहे।