उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशानुसार जनपद देहरादून में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण

जायेगा। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्री श्रीमती सीमा डुंगराकोटी द्वारा जपनद के समस्त नागरिकों एवं वादकारियों से अपील की गई है कि वे अपने विचाराधीन मामलों का सौहार्द्धपूर्ण एंव शीघ्र निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से कराकर, इसका अधिकतम लाभ उठाएं।
राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सहमति के आधार पर विभिन्न प्रकार के मामलों जैसे फौजदारी के समझौता योग्य वाद, धारा 138 एन०आई० एक्ट के मामले, मोटर दुर्घटना प्रतिकरवाद, बैंक ऋण एवं वसूली संबंधी प्रकरण, वैवाहिक विवाद, श्रम एवं दीवानी वाद, विद्युत एवं जल से संबंधित वाद तथा अन्य समझोता योग्य मामलों का निस्तारण किया जाएगा, जो पक्षकार अपने मामले का निस्तारण कराना चाहते है वे 11 सितंबर, 2026 तक संबंधित न्यायालय में स्वयं अथवा अपने अधिवक्ता के माध्यम से प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं।
प्राधिकरण द्वारा यह भी बताया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से मामलों का निस्तारण त्वरित, सरल एवं सौहार्द्धपूर्ण वातावरण में किया जाता है इससे पक्षकारों के समय एवं धन की बचत होती है तथा न्यायालय शुल्क वापसी का लाभ भी प्राप्त हो सकता है। लोक अदालत का निर्णय दोनों पक्षों के लिए अंतिम एवं बाध्यकारी होता है।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्रीमती सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि “राष्ट्रीय लोक अदालत केवल मुकदमों के निस्तारण का माध्यम ही नहीं बल्कि आपसी संवाद, समझौते और सामाजिक सौहार्द्ध को बढ़ावा देने का एक प्रभावी मंच है। मैं सभी वादकारियों एवं जनपदवासियों से आग्रह करती हूं कि जिन मामलों का समाधान आपसी सहमति से संभव है, उन्हें राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रस्तुत कर समय, धन एवं अनावश्यक न्याय प्रक्रिया से बचते हुए शीघ्र न्याय प्राप्त करें। अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता ही राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता का आधार
अतः आपसे पुनः अनुरोध है कि इस आवश्यक सूचना / प्रेस विज्ञप्ति को सभी प्रमुख दैनिक समाचार-पत्रों में प्रत्येक दिवस को प्रकाशित करने एवं सभी स्थानीय न्यूज चैनलों के द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत लगाये जाने तक स्क्रॉल के माध्यम से आवश्यक रूप से प्रचार-प्रसार किये जाने हेतु कार्यवाही करने का कष्ट करें।










