कुमाऊँ विश्वविद्यालय में सतर्कता जागरूकता अभियान के अंतर्गत कल से तीन दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन
नैनीताल। केंद्रीय सतर्कता आयोग के तत्वावधान में आयोजित सतर्कता जागरूकता की थीम “सत्यनिष्ठा से समृद्धि” के अनुरूप कुमाऊँ विश्वविद्यालय द्वारा 2 से 4 नवम्बर, 2026 तक विश्वविद्यालय के कार्मिकों के लिए तीन दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारम्भ 2 नवम्बर को प्रातः 10:45 बजे विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट द्वारा कुमाऊँ विश्वविद्यालय के द हर्मिटेज परिसर में किया जाएगा। कार्यक्रम का सह-आयोजन विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) एवं यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र द्वारा किया जा रहा है।
तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिदिन एक घंटे का प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया जाएगा। इसमें विश्वविद्यालय के कार्मिकों को चार महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इनमें सूचना प्रौद्योगिकी एवं साइबर सुरक्षा तथा साइबर स्वच्छता, सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया, गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) की विशेषताएँ एवं कार्यप्रणाली तथा आचरण नियम एवं हितों का टकराव प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इन विषयों पर विश्वविद्यालय की वित्त नियंत्रक श्रीमती कमलेश भंडारी, उत्तराखंड प्रशासन अकादमी की उप निदेशक श्रीमती पूनम पंत, सहायक कुलसचिव श्री राकेश विश्वकर्मा तथा उत्तराखंड पुलिस की साइबर सुरक्षा टीम द्वारा विशेषज्ञ व्याख्यान एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. रीतेश साह ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय के कार्मिकों को साइबर सुरक्षा, पारदर्शी एवं जवाबदेह सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया, जीईएम पोर्टल के प्रभावी उपयोग तथा शासकीय आचरण नियमों के प्रति जागरूक एवं दक्ष बनाना है।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम की समय-सारिणी इस प्रकार निर्धारित की गई है कि विश्वविद्यालय के महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों तथा कार्मिक अपनी नियमित जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए प्रशिक्षण में सहभागिता कर सकें। इसी उद्देश्य से प्रतिदिन केवल एक घंटे का प्रशिक्षण सत्र निर्धारित किया गया है।













