उत्तराखण्ड में भारत की जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के अंतर्गत प्रगणकों एवं समन्वयकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रसार प्रशिक्षण केंद्र बागजाला, गोलापार में आयोजित किया जा रहा है

नैनीताल । ​उत्तराखण्ड में भारत की जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के अंतर्गत प्रगणकों एवं समन्वयकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रसार प्रशिक्षण केंद्र बागजाला, गोलापार में आयोजित किया जा रहा है, जिसका आज द्वितीय दिवस सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के दौरान मोबाइल ऐप के जरिए जनसंख्या गणना से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों की प्रविष्टि हेतु दिशा-निर्देश दिए गए।
​प्रशिक्षण सत्र में माता-पिता का विवरण दर्ज करने के लिए ऐप में ऑटो-फिल और मैन्युअल दोनों तरह की सुविधाएं समझाई गईं। दिव्यांगता श्रेणी में आरपीडब्ल्यूडी अधिनियम 2016 के तहत दृष्टि, श्रवण, वाक्, गतिशीलता, बौद्धिक, मानसिक बीमारी, एसिड अटैक, तंत्रिका संबंधी तथा रक्त विकार जैसी 9 श्रेणियों में से अधिकतम 3 श्रेणियों का चयन किया जा सकता है।
​मातृभाषा, साक्षरता और शिक्षा के अंतर्गत बचपन की भाषा, डिजिटल साक्षरता और केवल उत्तीर्ण शैक्षणिक स्तर दर्ज करने के निर्देश दिए गए। आर्थिक कार्यकलापों में कर्मियों को दीर्घकालिक, अल्पकालिक, अर्ध-अल्पकालिक और गैर-कर्मी के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इसके अलावा प्रवास और स्थायी पते की त्वरित प्रविष्टि के तरीके भी बताए गए।
​प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में पूरण चंद तिवारी, प्रीति मजगाई, दीपांकर, बृजवासी, पुरुषोत्तम बिष्ट, आरती जैन, सुमित पांडे, गौरी शंकर काण्डपाल , श्वेता मजगाई, राजेश शर्मा और कनकलता तिवारी शामिल रहे। नगर निगम की ओर से प्रतिनिधि मीनाक्षी और यश चौधरी ने प्रतिभागियों को मानचित्र की विस्तृत जानकारी प्रदान की।