अनुसूचित जाति–जनजाति शिक्षक एसोसिएशन, ब्लॉक इकाई भीमताल द्वारा प्रांतीय आह्वान एवं प्राप्त दिशा-निर्देशों के क्रम में उपजिलाधिकारी महोदय के माध्यम से 19 सूत्रीय मांग पत्र मुख्यमंत्री, उत्तराखंड सरकार को प्रेषित किया गया।

नैनीताल l मगलवार को अनुसूचित जाति–जनजाति शिक्षक एसोसिएशन, ब्लॉक इकाई भीमताल द्वारा प्रांतीय आह्वान एवं प्राप्त दिशा-निर्देशों के क्रम में उपजिलाधिकारी महोदय के माध्यम से 19 सूत्रीय मांग पत्र माननीय मुख्यमंत्री, उत्तराखंड सरकार को प्रेषित किया गया।
अनुसूचित जाति–जनजाति शिक्षक एसोसिएशन के संस्थापक एवं वर्तमान में शिल्पकार सभा नैनीताल के अध्यक्ष डॉ. रमेश चंद्रा ने कहा कि एसोसिएशन द्वारा प्रदेश के शिक्षक–कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं सामाजिक न्याय से जुड़े विभिन्न हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श एवं समीक्षा के उपरांत शिक्षा, सेवा सुरक्षा, पदोन्नति, आरक्षण, छात्र कल्याण, स्वास्थ्य सेवाओं, प्रशासनिक पारदर्शिता एवं समान अवसरों से संबंधित 19 सूत्रीय मांगें तैयार कर माननीय मुख्यमंत्री को भेजी गई हैं।
उन्होंने कहा कि ये सभी मांगें भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15(4), 16(4), 16(4A), 21, 21A, 38, 46, 335, 338 एवं 338A की मूल भावना के अनुरूप हैं तथा वंचित, शोषित एवं पिछड़े वर्गों के सामाजिक, शैक्षिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण से प्रत्यक्ष रूप से संबंधित हैं।
ज्ञापन में मुख्य रूप से इरशाद हुसैन आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने तथा उसे लागू करने,अनुसूचित जाति–जनजाति विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति में वृद्धि, लंबित पदोन्नति प्रक्रिया प्रारंभ करने, पदोन्नति में आरक्षण लागू करने, बैकलॉग रिक्तियों की पूर्ति हेतु विशेष भर्ती अभियान चलाने, पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करने, संविदा एवं आउटसोर्स सेवाओं में आरक्षण व्यवस्था लागू करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, गोल्डन कार्ड योजना के अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने, स्वच्छक कर्मचारियों के स्थायीकरण, SC/ST प्रतिनिधित्व एवं आरक्षण रोस्टर का श्वेत पत्र जारी करने सहित 19 महत्वपूर्ण मांगें सम्मिलित हैं।
ब्लॉक अध्यक्ष त्रिभुवन अग्रगामी ने कहा कि उपर्युक्त सभी मांगें सामाजिक न्याय, संवैधानिक समानता एवं शिक्षा व्यवस्था के सुधार से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री जी से मांगों पर सकारात्मक एवं समयबद्ध कार्यवाही करने का आग्रह करते हुए कहा कि इन विषयों पर शासन स्तर पर त्वरित निर्णय लिया जाना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं संवैधानिक मूल्यों की स्थापना हेतु शासन का समर्थन अत्यंत महत्वपूर्ण होगा तथा इससे प्रदेश के शिक्षक–कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों में विश्वास और सकारात्मक संदेश जाएगा।
आज ज्ञापन देने वालों में अनुसूचित जाति–जनजाति शिक्षक एसोसिएशन के संस्थापक डॉ. रमेश चंद्रा, ब्लॉक अध्यक्ष त्रिभुवन अग्रगामी, ब्लॉक महामंत्री महेश, पूर्व प्रांतीय उपाध्यक्ष कैलाश आगरकोटी, हीरा लाल आगरी, मनोज कुमार एवं चित्रा आर्य सहित अन्य शिक्षक एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।