हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषा विभाग, डी.एस.बी. परिसर, कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल में ‘हिंदी विषय में शोध की वर्तमान स्थिति और संभावनाएँ’ विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया।

नैनीताल ।हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषा विभाग, डी.एस.बी. परिसर, कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल में ‘हिंदी विषय में शोध की वर्तमान स्थिति और संभावनाएँ’ विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। परिचर्चा का उद्देश्य हिंदी विषय में हो रहे समकालीन शोध की प्रवृत्तियों, उसकी चुनौतियों तथा भविष्य की संभावनाओं विचार करना रहा। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो. शिरीष कुमार मौर्य ने हिंदी में शोध की वर्तमान स्थिति पर विचार करते हुए कहा कि आज हिंदी में शोध का क्षेत्र केवल साहित्य के पारंपरिक अध्ययन तक सीमित नहीं होना चाहिए। शोध मुख्यतः समस्या पर होना चाहिए और उसकी सामाजिक उपादेयता होनी आवश्यक है। बदलते परिवेश में शोध के लिए नए विषय, नई तुलनात्मक दृष्टियाँ अपनानी होंगी। विभाग के उपस्थित प्राध्यापकों एवं शोधार्थियों ने वर्तमान समय में शोध की मौलिकता, विश्वसनीय स्रोतों के चयन, संदर्भ व डिजिटल सामग्री के उपयोग तथा शोध की अकादमिक गुणवत्ता जैसी चुनौतियों पर भी विचार रखे।
इस अवसर पर डॉ. शुभा मटियानी, डॉ. शशि पाण्डे, सुश्री मेधा नैलवाल, डॉ. कंचन आर्या, डॉ. मथुरा इमलाल, डॉ. दीक्षा मेहरा व विभाग के शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की सहभागिता रही।