एएनआरएफ प्रोजेक्ट और कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं कार्यशाला तीसरे दिन भी जारी रही

नैनीताल । एएनआरएफ प्रोजेक्ट और कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं कार्यशाल के तीसरे दिन का कार्यक्रयूम अत्यंत उत्साहजनक और ज्ञानवर्धक रहा, जिसमें प्रथम सत्र में पांडिचेरी विश्वविद्यालय के प्रो. पेरुमल एलुमलै ने ‘साइक्लिक वोल्टामेट्री: बेसिक्स एंड एप्लीकेशंस’ विषय पर विस्तृत व्याख्यान देते हुए इलेक्ट्रोकेमिकल सेल, इलेक्ट्रोलाइट सिस्टम, थर्मोडायनामिक्स और इंटरफेसियल इलेक्ट्रोकेमिकल तकनीकों पर प्रकाश डाला और प्रतिभागियों ने कैपेसिटर व इलेक्ट्रोड से जुड़े प्रश्न पूछकर विषय को गहराई से समझा, वहीं द्वितीय सत्र में एनआईटी नागालैंड के प्रो. शंभू कुमार महतो ने “सीएफडी इन्वेस्टिगेशन ऑफ एनएसीए 4412 एयरफॉइल एयरोडायनामिक्स विदाउट पॉलीमर नैनोकंपोजिट कोटिंग: इफेक्ट्स ऑफ एंगल ऑफ अटैक, मैक नंबर एंड टर्बुलेंस मॉडल्स” पर व्याख्यान देकर एयरोफॉयल की मूलभूत अवधारणाओं को समझाया, जिसके बाद रसायन विज्ञान विभाग के रिसर्च सेंटर स्थित नैनोपार्टिकल लैब में आयोजित विशेष हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग में विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे धान की पराली (राइस स्ट्रॉ), वेस्ट पेपर, प्लास्टिक कचरे और अन्य अपशिष्ट पदार्थों का उपयोग कर पर्यावरण-अनुकूल तरीके से ग्राफीन का निर्माण किया जाता है, साथ ही ग्राफीन के इतिहास और खोज से अवगत कराते हुए उत्पादन संयंत्र का भ्रमण कराकर लाइव डेमो दिया गया और इस दौरान प्रतिभागियों को स्प्रे ड्रायर, मैग्नेटिक स्टिरर, सेंट्रीफ्यूज, फ्यूम हुड, लैमिनर एयर फ्लो, वैक्यूम ओवन, इनक्यूबेटर और जीसी-एमएस जैसे अत्याधुनिक उपकरणों के संचालन व कार्यप्रणाली का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। रसायन विज्ञान के शोध छात्रा मनीषा जोशी ने नैनो पार्टिकल्स पर अपना शोध प्रस्तुत किया ।कार्यक्रम में सेमिनार के चेयरमैन डॉ. नंद गोपाल साहू, कॉर्डिनेटर डॉ. गीता तिवारी, डॉ. महेश चंद्र आर्या, डॉ. पेनी जोशी, डॉ. संतोष उपाध्याय, डॉ. गिरीश चंद्र खरकवाल, डॉ. आंचल अनेजा, डॉ. महेंद्र राणा तथा डॉ. ललित तिवारी ,डॉ सतीश सती , प्रियंका तिवारी ,आयशा ,
लता ,शीतल ,भावना सहित शोधार्थी उपस्थित रहे।












