फंड रेज़िंग एवं प्रभावी इन्वेस्टर पिच में एआई की भूमिका पर कार्यशाला आयोजित


नैनीताल । कुमाऊँ विश्वविद्यालय के इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन सेल, डायरेक्टोरेट ऑफ विजिटिंग प्रोफेसर, तथा आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में “यूजिंग एआई फॉर फण्ड रेसिंग एंड इन्वेस्टर पिच” विषय पर एक ऑनलाइन व्याख्यान/कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. रमेश चंद्र बेलवाल, एसोसिएट प्रोफेसर, कंप्यूटर साइंस विभाग, कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल तथा सुश्री कल्याणी तिवारी, कंसल्टेंट, माइक्रोसॉफ्ट, हैदराबाद ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में प्रतिभागियों को संबोधित किया। वक्ताओं ने उद्यमिता, नवाचार एवं फंडिंग के क्षेत्र में एआई की बढ़ती भूमिका पर विस्तार से जानकारी प्रदान की।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को एआई आधारित उपकरणों के माध्यम से व्यावसायिक विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने, संभावित फंडिंग अवसरों की पहचान करने, निवेशकों के लिए प्रभावशाली पिच तैयार करने तथा बाजार संबंधी जानकारी के विश्लेषण जैसे महत्वपूर्ण विषयों से अवगत कराया गया। विशेषज्ञों ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि एआई का प्रभावी उपयोग नवोन्मेषकों एवं स्टार्टअप्स को अपने विचार निवेशकों तक अधिक स्पष्ट एवं प्रभावशाली तरीके से पहुँचाने में सहायता कर सकता है।
कार्यशाला में डॉ. रमेश चंद्र बेलवाल ने बैंकिंग क्षेत्र में मशीन लर्निंग की भूमिका, अंडर फिटिंग एंड ओवरफिटिंग तथा पिछले दस वर्षों के प्रश्नपत्रों के संदर्भ में मशीन लर्निंग की अवधारणाओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप्स में मशीन लर्निंग का उपयोग ऋण चूककर्ताओं की भविष्यवाणी, बाजार एवं खाद्य उत्पादों की मांग के आकलन तथा फंड रेज़िंग के लिए प्रभावी मॉडल तैयार करने में किया जा सकता है।
उन्होंने एआई-संचालित फंड रेज़िंग की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मॉडल के परीक्षण और विश्लेषण के आधार पर निवेशकों के समक्ष व्यावसायिक अवसरों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सकता है। साथ ही, उन्होंने आगाह किया कि पक्षपाती या अपर्याप्त डेटा से एआई के परिणाम गलत हो सकते हैं। और एआई द्वारा उत्पन्न बाजार संबंधी दावों की स्वतंत्र रूप से जांच आवश्यक है। उन्होंने निवेशकों के समक्ष प्रस्तुति में ईमानदारी, पारदर्शिता और एआई मॉडल की सीमाओं को स्पष्ट रूप से बताने पर जोर दिया।
दूसरी वक्ता सुश्री कल्याणी तिवारी ने एक रोचक कहानी के माध्यम से अपनी प्रस्तुति की शुरुआत की और बताया कि किस प्रकार एक अच्छा विचार भी प्रभावी प्रस्तुति के अभाव में निवेशकों द्वारा अस्वीकार किया जा सकता है। उन्होंने रिसर्च, मजबूत कहानी एवं प्रभावी नैरेशन, उपयुक्त एसेट्स और बेहतर एक्जीक्यूशन को सफल इन्वेस्टर पिच के चार प्रमुख आधार बताया।
उन्होंने कहा कि एआई इन चारों चरणों में सहयोग कर सकता है, लेकिन एआई स्वयं पूरी प्रक्रिया नहीं है। उन्होंने सही निवेशकों का चयन करने तथा उनकी रुचि और आवश्यकताओं के अनुरूप पिच तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने विभिन्न एआई टूल्स के माध्यम से रिसर्च, सारांश तैयार करने, तुलना, पोर्टफोलियो विश्लेषण, थीसिस से जानकारी निकालने, मीटिंग की तैयारी, प्रेजेंटेशन एवं फीडबैक विश्लेषण जैसे कार्यों को अधिक तेज और प्रभावी बनाने के उदाहरण दिए।
उन्होंने समझाया कि एक प्रभावी स्टार्टअप कहानी में क्या, क्यों और कैसे के प्रश्नों का स्पष्ट उत्तर होना चाहिए। एआई की सहायता से विचारों में संभावित कमियों की पहचान, एग्जीक्यूटिव समरी, मार्केट एनालिसिस, कॉम्पिटिटर मैप और निवेशक प्रस्तुति जैसी सामग्री तैयार की जा सकती है। सरल एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने पारंपरिक फंड रेज़िंग प्रक्रिया और एआई की सहायता से इसे अधिक प्रभावी एवं तेज बनाने के तरीकों को समझाया।
कार्यक्रम में 70 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका वक्ताओं ने धैर्यपूर्वक उत्तर दिया। प्रतिभागियों ने वक्ताओं द्वारा साझा किए गए ज्ञान एवं व्यावहारिक जानकारी की सराहना की।
विभागाध्यक्ष वनस्पत विज्ञान प्रो. ललित तिवारी ने कार्यक्रम का संचालन किया। उन्होंने कहा कि आज के बदलते तकनीकी परिदृश्य में एआई शोध, नवाचार, उद्यमिता और फंड रेज़िंग को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों में नवाचार और उद्यमिता की भावना को बढ़ावा देने में सहायक होंगे। अंत में, उन्होंने सभी वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। निदेशक प्रॉफ आशीष तिवारी ने सभी का स्वागत किया । कार्यशाला में प्रॉफ गीता तिवारी ,प्रॉफ हरिप्रिया पाठक ,प्रॉफ लज्जा भट्ट , डी यू की डॉ रीमा मिश्रा डॉ रीना सह ,डॉ पेनी जोशी ,डॉ नवीन पांडे ,डॉ नंदन मेहरा ,डॉ श्रुति साह , डॉ संतोष कुमार ,डॉ हर्ष वर्धन ,डॉ अशोक उप्रेती ,डॉ हृदेश शर्मा ,डॉ सरोज शर्मा , डॉ आँचल अनेजा ,डॉ दीपशिखा जोशी , अभिषेक , शीतल कोरंगा सहित 84 प्रतिभागी उपस्थित रहे ।