DSB की छात्रा उपाध्यक्ष बनीं बागेश्वर की कुमकुम, हॉस्टल की परेशानियों ने जगाई राजनीति में आने की चाह

ननीताल. डीएसबी परिसर नैनीताल के छात्रसंघ चुनाव में छात्रा उपाध्यक्ष पद पर कुमकुम जोशी निर्विरोध निर्वाचित हुई हैं। मूल रूप से बागेश्वर की रहने वाली कुमकुम परिसर के केपी हॉस्टल में रहकर बीएससी की पढ़ाई कर रही हैं। निर्विरोध चुने जाने के बाद उन्होंने छात्राओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही है।

कुमकुम जोशी का कहना है कि हॉस्टल में रहते हुए उन्होंने छात्राओं की कई परेशानियों को करीब से देखा। इन समस्याओं को छात्रसंघ के माध्यम से उठाने और उनके समाधान के लिए आवाज उठाने वाला कोई प्रतिनिधि नहीं होने के कारण उन्होंने खुद छात्र राजनीति में आने का फैसला किया। उनका कहना है कि शुरुआत में हॉस्टल में रहते हुए राजनीति में आने के बारे में सोचना आसान नहीं था, लेकिन छात्राओं की समस्याओं ने उन्हें चुनाव में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

यह भी पढ़ें 👉  मंत्री कैड़ा ने किया चाफी से अलचोना -ताडा मोटर मार्ग पर डामरीकरण व सुधारीकरण कार्य का शुभारम्भ, वही मंत्री कैड़ा विनायक स्थित गोल्ज्यू देवता मंदिर मै के पुनर निर्माण कार्य का किया शुभारम्भ

छात्राओं के खड़ी रहूंगी हमेशा

कुमकुम ने कहा कि वह छात्राओं के हितों के लिए हमेशा खड़ी रहेंगी। परिसर में छात्राओं को होने वाली समस्याओं को सामने लाने के साथ ही उनके समाधान के लिए काम करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। वह छात्रों से जुड़े मुद्दों पर भी गंभीरता से काम करने की बात कहती हैं। कुमकुम के पिता ललित मोहन जोशी बागेश्वर में लोक निर्माण विभाग में कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां हेमा जोशी गृहिणी हैं। कुमकुम ने अपनी निर्विरोध जीत का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और साथी छात्रों को दिया है.

यह भी पढ़ें 👉 

राजनीति में जाना है लक्ष्य

छात्रा उपाध्यक्ष बनने के साथ ही कुमकुम ने अपने भविष्य को लेकर भी बड़ा लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि वह आगे चलकर राजनीति में अपना करियर बनाना चाहती हैं। छात्रसंघ से शुरू हुई उनकी राजनीतिक यात्रा को वह भविष्य में बड़े स्तर पर आगे ले जाना चाहती हैं। कुमकुम के निर्विरोध निर्वाचित होने पर नैनीताल निवासी हितेश जोशी ने भी खुशी जताई और उन्हें शुभकामनाएं दीं। कुमकुम का कहना है कि छात्रसंघ में मिली यह जिम्मेदारी उनके लिए सिर्फ एक पद नहीं, बल्कि छात्राओं की समस्याओं को उठाने और उनके लिए काम करने का अवसर है।

Advertisement
ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad