उत्तराखंड को ग्रीन- बोनस दिया जाए—डॉ नारायण सिंह जंतवाल।


“उत्तराखण्ड का अधिकार#ग्रीनबोनस,पर्यावरण दिवस पर घोषित हो “
आज हिमालय तुमने कै धध्यौ छ
जागो-जागो ओ म्यार लाल,
निकरण दि हालों हमरि नीलामी,
नि दि हालों हमर हलाल!
(गिर्दा )

विश्व पर्यावरण दिवस पर यूकेडी के पूर्व विधायक डॉ जंतवाल ने कहा कि
पर्यावरण असंतुलन आज दुनियां के सामने सबसे बड़ा संकट है!इसके दुष्परिणाम ज़बरदस्त रूप से सामने आ रहे हैं!
इसी चिंता को दृष्टिगत रखते हुए 1992 में रियों अर्थ सम्मिट(earth summit)ब्राज़ील  में आयोजित किया गया,जिसमें दुनियां भर के अधिकांश राष्ट्राध्यक्षों/शासनाध्यक्षों ने भागीदारी की, पर्यावरण संतुलित विकास के लिए कई संस्तुतियां की गईं!
सम्मेलन होते रहे परंतु दुनियाँ के ताक़तवर देशों ने अपने मनमाने रवैये से बहुत बड़ा संकट खड़ा कर दिया है!
हमारा प्रदेश #उत्तराखण्ड पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील,पारिस्थितिकी के लिहाज़ से अत्यंत नाज़ुक है! यहाँ योजनाएँ बनाने व क्रियान्वयन के समय इस पहलू पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है!
उत्तराखण्ड क्रांति दल के संस्थापक अध्यक्ष विख्यात विज्ञानी,गांधीवादी मूल्यों को मानने वाले #डाँ डी डी पंत जी कहते थे कि उत्तराखंड को विकासात्मक दृष्टिकोण से असंतुलित किया गया तो इसका ख़ामियाज़ा देश के बड़े भूभाग को भुगतना पड़ेगा!
संवेदनशील होने के कारण वे इस पर बहुत चिंतित रहते थे! वे Sustainable development,renewable energy, micro hydel project के पक्षधर थे! केवल चमक धमक के विकास से उत्तराखंड का भला नहीं हो सकेगावद्वारिका प्रसाद जी के उद्यान/बागवानी की नीति पर उत्तराखंड क्रांति दल
अपना पक्ष रखने के साथ ही आवाज़ भी बुलंद करता रहा है!

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पंतनगरउत्तराखंड क्रांति दल,राज्य के लिए #ग्रीनबोनस की न केवल मांग करता रहा है वरन विभिन्न मंचों पर अपनी आवाज़ उठाता रहा है!

पंतनगरपर्यावरण संरक्षण के लिए उत्तराखंड की जनता सदैव जागरूक व संवेदनशील रही है औपनिवेशिक काल से लेकर चिपको आन्दोलन व आज भी आवाज़ उठायी जा रही है !

राज्य का बड़ा भूभाग वनाच्छादित होने के कारण,वन व पर्यावरण क़ानूनों की वजह से बहुत सी विकास योजनाओं से वंचित रह जाता है!
#पंतनगरअपने हरित आवरण व अन्य स्रोतों से उत्तराखंड देश के पर्यावरण की शुद्धता के लिए अप्रतिम योगदान देता रहा है!

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वित्तआयोंगने 2010 में जंगल बचाने व पर्यावरण की बेहतरी के लिये काम करने वाले पहाड़ी राज्यों को अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराने का सुझाव दिया था!

इतने महत्वपूर्ण आयोग की अनदेखी पर्यावरण व उत्तराखंड के प्रति केंद्र सरकारों की घोर असंवेदनशीलत का ही परिचायक है!!
इस अवसर पर सरकार को आगे बढ़कर देश व प्रदेश के हित में उत्तराखंड को #ग्रीनबोनस देने की घोषणा करे!

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