ज्योलिकोट क्षेत्र में जलजनित रोगों की खबरों का स्वास्थ्य विभाग ने लिया तत्काल संज्ञान, मौके पर पहुंचकर की जांच एवं निगरानी

नैनीताल, । गुरुवार को विभिन्न समाचार पत्रों में ज्योलिकोट क्षेत्र में दूषित पानी के कारण लोगों के बीमार होने तथा एक विद्यालय के 20 छात्रों के जल जनित रोग से ग्रसित होने संबंधी प्रकाशित खबरों का मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जनपद नैनीताल डॉ. रश्मि पंत द्वारा तत्काल संज्ञान लिया गया। मामले की वास्तविक स्थिति की जांच तथा संभावित जलजनित संक्रमण की स्थिति का आकलन करने के लिए उनके निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को तत्काल ज्योलिकोट क्षेत्र में भेजा गया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विद्यालय पहुंचकर मामले की विस्तृत जानकारी ली। टीम द्वारा विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. सूर्य प्रकाश से छात्रों के स्वास्थ्य संबंधी स्थिति की जानकारी प्राप्त की गई। प्रधानाचार्य द्वारा बताया गया कि विद्यालय में लगभग 630 छात्र अध्ययनरत हैं और यह पूर्ण रूप से आवासीय विद्यालय है। विद्यालय में दिनांक 4 अगस्त को एक छात्र के जलजनित रोग से ग्रसित होने की जानकारी मिली थी तथा दिनांक 10 अगस्त तक कुल 20 छात्रों में जलजनित रोग के लक्षण पाए गए। संबंधित छात्रों की स्वास्थ्य एवं प्रयोगशाला जांच विद्यालय से अनुबंधित निजी पैथोलॉजी लैब एवं निजी अस्पताल के माध्यम से कराई गई।

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विद्यालय प्रशासन के अनुसार दिनांक 13 अगस्त को विद्यालय बंद कर दिया गया, जिसके बाद छात्र अपने-अपने घरों तथा कुछ अन्य राज्यों में चले गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम जब विद्यालय पहुंची, उस समय कोई भी छात्र विद्यालय परिसर में मौजूद नहीं था तथा विद्यालय वर्तमान में बंद है। प्रधानाचार्य द्वारा बताया गया कि विद्यालय 31 अगस्त को पुनः खोला जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा कहा गया की निजी लैब , निजी चिकित्सालय से उक्त के संदर्भ पर जानकारी ली जाएगी।

मामले की वास्तविक स्थिति तथा संभावित संक्रमण के स्रोत की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा विद्यालय परिसर से पेयजल के नमूने एवं ब्लड सैंपल एकत्र किए गए। पानी के नमूनों को आवश्यक जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद पेयजल की गुणवत्ता एवं संभावित संक्रमण के स्रोत का आकलन किया जाएगा तथा रिपोर्ट के आधार पर आवश्यकता के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

वर्षा काल में जलजनित रोगों से बचाव को लेकर सीएमओ ने की अपील

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने कहा कि वर्षा काल में दूषित पेयजल के कारण पीलिया, डायरिया, उल्टी, टाइफाइड सहित विभिन्न जलजनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे केवल स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल का ही उपयोग करें। पानी को उबालकर अथवा निर्धारित विधि से शुद्ध करने के बाद ही पीएं तथा पेयजल को हमेशा ढककर रखें। उन्होंने लोगों से जलजनित रोगों के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की भी अपील की।

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ज्योलिकोट क्षेत्र में चलाया गया जागरूकता एवं निगरानी अभियान

स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा ज्योलिकोट से लगे सरियाताल, , वीरभट्टी एवं आसपास के क्षेत्रों में भी जागरूकता एवं निगरानी अभियान चलाया गया। टीम ने क्षेत्रवासियों को जलजनित रोगों से बचाव, स्वच्छ पेयजल के उपयोग तथा व्यक्तिगत स्वच्छता के संबंध में जानकारी दी। इस दौरान जिंक एवं ओआरएस का भी वितरण किया गया।

इस दौरान डॉ. गर्वित, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी; नंदन कांडपाल, एपिडेमियोलॉजिस्ट; प्रियंका धोनी, माइक्रोबायोलॉजी; दया चौहान, एएनएम; किरण परिहार, एएनएम तथा दीवान बिष्ट, आईईसी अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही। अभियान विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. सूर्य प्रकाश, डॉ. माधव त्रिपाठी, अक्षय यादव एवं विक्रांत चौधरी ने सहयोग प्रदान किया।

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