चिपको आंदोलन की प्रेरणाश्रोत गौरा देवी का जन्मोत्सव बड़ी धूम-धाम से मनाया गया।

देहरादून। आज शैल कला एवं ग्रामीण विकास समिति (पंजी. 1988) के तत्वावधान में चिपको आंदोलन की प्रेरणाश्रोत गौरा देवी जी का 101वाँ जन्मोत्सव राजकीय इंटर कॉलेज डोभालवाला में बड़ी धूम धाम से मनाया गया।
सर्व प्रथम मातृशक्ति द्वारा मांगल गीत, गढ़ वंदना की प्रस्तुति दी, कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी डॉ रमा गोयल, मुख्य अतिथि पंडित रमेश चन्द्र लेखवार- अत्रि जी महाराज, विशिष्ट अतिथि लोक गायक संतोष खेतवाल, रविन्द्र दत्त सेमवाल, गिरीश भट्ट तथा संस्थापक अध्यक्ष – डॉ स्वामी एस चंद्रा ने दीप प्रज्वलित कर गौरा देवी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में छोटी बालिका कु. आयांशी गुप्ता ने भगवान विष्णु जी के दशावतार भरतनाट्यम शैली में प्रस्तुत किया तत्पश्चात कु. श्यामा ध्यानी ने कत्थक शैली में विभिन्न तालों के साथ आमद, टुकड़े की अनूठी प्रस्तुति दी। महिलाओं ने झोड़ा, चाँचरी तथा झुमेलों की शानदार प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर संस्था के संस्थापक अध्यक्ष डॉ स्वामी एस चंद्रा ने सभी अतिथियों का अंग वस्त्र, तुलसी का पौधा तथा गौरा देवी जी का चित्र भेंट किया। स्वामी ने गौरा देवी जी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संस्था के माध्यम से हम 2007 से लगातार उनका जन्मदिन मनाते आ रहे हैं तथा अभी तक 41 विभूतियों को शैल पुत्र/शैल पुत्री सम्मान-2026 से सम्मानित किया जा चुका है और आज 5 और विभूतियों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर लोक गायक संतोष खेतवाल जी ने सुंदर गीत प्रस्तुत किया, कार्यक्रम का संचालन करते हुए संदीप गौतम ने गौरा देवी के जीवन पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि पंडित रमेश चन्द्र लेखवार- अत्रि जी महाराज (शक्तिपीठ माँ भगवती सुरकंडा मंदिर) ने अपने उद्बोधन में संस्था द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की प्रशंसा करते हुए गौरा देवी जी जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में समाज को नई दिशा देने वाले विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने हेतु सर्वश्री कैलाश ध्यानी (सुप्रसिद्ध बांसुरी वादक), प्रेम पंचोली (वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, चिंतक), डॉ नीतू पांडेय (शिक्षिका), सुमित थपलियाल (वरिष्ठ पत्रकार- दैनिक जागरण), एवं के. एस. बिष्ट (वरिष्ठ पत्रकार) को शैल पुत्र एवं शैल पुत्री सम्मान- 2026 से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम अध्यक्षा डॉ रमा गोयल ने कार्यक्रम की सफ़लता पर बधाई दी और स्वामी जी द्वारा चलाए गए इस अभियान को जारी रखने का सभी से अनुरोध किया।
इस अवसर पर कत्थक गुरु मनोरमा नेगी एवं शारदा मिश्रा ध्यानी, भरतनाट्यम गुरु डॉ माया वी. सक्सेना, डॉ आर. एस. राठी, डी.पी. बहुगुणा, अवधेश शर्मा, राजेंद्र श्रीवास्तव, गौरव सती ने पर्यावरण संरक्षण पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में डॉ स्वामी एस चंद्रा ने कहा कि अगले वर्ष से गौरा देवी जी के नाम से 3 कार्यक्रम किए जाएंगे, 26 मार्च को चिपको आंदोलन दिवस, जुलाई में पुण्यतिथि तथा 25 अक्टूबर को जन्मोत्सव का आयोजन किया जाएगा, स्वामी ने बताया कि अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचने के लिए प्रत्येक विद्यालय में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिससे बच्चों को गौरा देवी जी के जीवन यात्रा की जानकारी प्राप्त हो सके।










