नैनीताल में चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया

नैनीताल । सरोवर नगरी नैनीताल में आज न्यू क्लब में चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमे नगर के विभिन्न स्कूलों के लगभग 950 स्कूली छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। जिसमे बच्चों ने चित्रों के माध्यम से पेंटिंग पेपर पर उत्तराखंड की संस्कृति से जुड़े तीज-त्यौहारों और कुमाऊंनी वेशभूषा को उकेरा।
पांच दिवसीय इस प्रतियोगिता का आयोजन 25 से 29 अक्टूबर तक किया जा रहा है। आयोजन संस्था की सचिव अंजू शाह जगाती द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में अलग-अलग कैटेगरी रखी गई हैं। एक ओपन कैटेगरी जिसमें बच्चे कुछ भी बना सकते हैं और क्लास 4 से 12 तक के लिए अलग कैटेगरी ताकि हर उम्र के बच्चे की प्रतिभा को परखा जा सके। इस बार की थीम कुमाऊंनी संस्कृति रखी गई है ताकि बच्चे अपनी जड़ों से जुड़े रहें।
मीनाक्षी ने कहा की मैंने कुमाऊनी कल्चर का एक ड्राइंग बनाई है जिसमें हमारी कुमाऊं की औरतें होती हैं। हमारा कुमाऊं कल्चर धीरे-धीरे लुप्त होता जा रहा है, खत्म होता जा रहा है। कुमाऊं की पहचान पिछौड़ा होता है, गहने होते हैं, लहंगा होता है जो हमारे कुमाऊनी लोग पहना करते हैं। जो धीरे-धीरे पाश्चात्य संस्कृति को अपनाने लगे हैं तो वो अपनी संस्कृति को भूलते जा रहे हैं। तो हम लोग हमारी संस्कृति बचाने के लिए ऐसे चित्र बना रहे है।
मेरा मोटिव तो बस इतना है कि मैं अपनी आर्ट के थ्रू अपना कल्चर प्रमोट कर पाऊं। लोग धीरे-धीरे अपनी कल्चर और रीति-रिवाजों को छोड़ते जा रहे हैं क्योंकि बाहर से जो मिल रहा है उससे हम ज्यादा इन्फ्लुएंस हो रहे हैं। मुझे लगता है हमें अपना कल्चर प्रमोट भी करते रहना चाहिए और बाहर का कल्चर एडॉप्ट जरूर करना चाहिए लेकिन अपना कल्चर नहीं भूलना चाहिए ताकि उत्तराखंड की संस्कृति बची रहे।
नैनीताल हम सारे स्कूलों को इनवाइट करते हैं, आउटस्कर्ट्स के भी स्कूल। इसमें हमारी कैटेगरी एक ओपन कैटेगरी है, दे आर फ्री टू ड्रॉ एनीथिंग और फिर क्लास 4 टू 12 हमने रखा है ताकि देख सकें हर एक का क्राइटेरिया क्या रहता है। ताकि वो डिफरेंशिएट कर सके कि छोटे क्लास के बच्चे कैसा बनाएंगे और बड़े क्लास का बच्चा कैसे बनाएगा। और थोड़ा हमने कल्चर को प्रमोट करने के लिए अपना ये पन और यहां की ड्रेसेस कुमाऊनी, उसके लिए हमने एक कुमाऊनी टॉपिक भी दिया है। इसका उद्देश्य ये है कि जो बच्चे आर्ट की ओर रुझान रखते हैं वो आकर अपनी कलाकृति को दिखा सकें।
चित्रकला प्रतियोगिता के आयोजक संस्था के सचिव अंजू जगाती ने बताया कि बच्चों में अपनी संस्कृति के प्रति लगाव देखकर सभी लोग काफी उत्साहित हैं। इस तरह की प्रतियोगिता से बच्चों को अपनी प्रतिभा निखारने का मौका मिलने के साथ ही अपनी संस्कृति से जुड़े रहने और उसे जानने का भी अवसर मिलता है। प्रतियोगिता में विशेष अतिथि के तौर पर इंस्पिरेशन स्कूल हल्द्वानी के कंटेम्पररी आर्टिस्ट विवेक चंद्र बिष्ट को बुलाया गया है। विजेताओं को आकर्षक ट्रॉफियों से सम्मानित किया जाएगा।










