विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर पंजाबी समाज ने शहीदों एवं विस्थापितों को किया नमन

हल्द्वानी। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर हल्द्वानी पंजाबी जनकल्याण समिति (रजि.) के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने द हट एवं गार्डन फैमिली रेस्टोरेंट में एकत्र होकर वर्ष 1947 के भारत विभाजन के दौरान हुए नरसंहार, अत्याचार एवं विस्थापन में अपने प्राण गंवाने वाले लाखों निर्दोष लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर विभाजन का दंश झेलकर नए सिरे से जीवन शुरू करने वाले परिवारों के संघर्ष, साहस, मेहनत और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया गया।
समिति के अध्यक्ष श्री हरिमोहन अरोड़ा ने कहा कि, “1947 के विभाजन के दौरान हमारे पूर्वजों ने अपना घर-बार, जमीन-जायदाद और अपनों को खो दिया, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। अनेक लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी। उन सभी दिवंगत आत्माओं को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम उनके संघर्ष और बलिदान को याद रखते हुए देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाएं और राष्ट्र निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।”
समिति के महामंत्री श्री मुकेश ढींगरा ने कहा कि “पंजाबी समाज सदैव मेहनत, संघर्ष, साहस और सेवा की भावना के लिए जाना जाता है। विभाजन के बाद विस्थापित परिवारों ने विपरीत परिस्थितियों में अपने जीवन को दोबारा खड़ा किया और आज देश के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।”
उपाध्यक्ष श्री संदीप गांधी ने कहा कि “पंजाबी समाज ने अपनी मेहनत और कर्मठता से जहां भी कदम रखा, वहां विकास और प्रगति की नई मिसाल कायम की। विभाजन के दर्द को पीछे छोड़कर समाज ने शिक्षा, व्यापार, उद्योग, सेवा और राष्ट्र निर्माण के हर क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण पहचान बनाई है।”
संयुक्त सचिव श्री राजीव बग्गा ने कहा कि “विभाजन की पीड़ा हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। हमें अपने पूर्वजों के संघर्ष, त्याग और मेहनत से प्रेरणा लेकर समाज में एकता, भाईचारे और राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करना चाहिए।”
कोषाध्यक्ष श्री अवनीश राजपाल ने कहा कि “विस्थापन का दर्द झेलने वाले परिवारों ने अपने परिश्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति से न केवल अपने परिवारों को संभाला, बल्कि समाज और देश के विकास में भी उल्लेखनीय योगदान दिया। हमें उनके संघर्ष और उपलब्धियों पर गर्व है।”
इस अवसर पर श्री प्रदीप कक्कड़ सहित समिति के अनेक सम्मानित पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने विभाजन के दौरान दिवंगत हुई आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता, आपसी भाईचारे और सौहार्द को मजबूत करने का संकल्प लिया ।











