निरंकारी श्रद्धालुओं द्वारा समर्पण दिवस पर हृदय सम्राट सतगुरु बाबा हरदेव सिंह जी महाराज को श्रद्धा सुमन अर्पित किए , समर्पण: सोच नहीं, जीवन जीने का तरीका-सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज

हल्द्वानी ।: आज समर्पण दिवस के अवसर पर संत निरंकारी सत्संग गौजाजाली भवन बरेली रोड में एक विशाल संत समागम का आयोजन किया गया जिसमें सद्गुरु बाबा हरदेव सिंह जी महाराज को निरंकारी श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए ।

इस सतसंग कार्यक्रम में स्थानीय प्रचारक श्री प्रकाश चंद्र पांडेय जी ने अपने विचारों को सत्संग को सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में समय के सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज भी यही समझ रहे है कि सतगुरु बाबा हरदेव सिंह जी महाराज जी के प्रति प्रेम तभी सार्थक हो सकता है जब हम उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाएंगे सिखलाईयों के रूप में जो मोती हमें बाबा जी ने दिए उन्हें हमने अपने जीवन में धारण करना है प्रेम, समर्पण एवं गुरु के प्रति जो सत्कार है वह सच्चा हो ना कि केवल दिखावा मात्र । इस पर हम सभी को मंथन एवं मनन करना होगा प्रत्यक्ष को प्रमाण वाली बात की हमारे जीवन में गुरु के प्रति प्रेम समर्पण का भाव सच्चा हो केवल एक विशेष दिन के रूप में हम उन्हें याद न करके उनके द्वारा दी गई शिक्षा से नित्य प्रति प्रेरणा लेते रहें अपने जीवन को सार्थक बनाएं

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उन्होंने कहा कि सतगुरु माता जी ने स्पष्ट किया कि सच्चा आदर और प्रेम केवल वाणी से नहीं, बल्कि कर्मों से प्रकट होता है। यदि हम बाबा जी की शिक्षाओं को केवल सोशल मीडिया तक सीमित रखते हैं, तो वह सच्चा समर्पण नहीं। समर्पण का वास्तविक रूप तभी प्रकट होता है जब हम अपने भीतर झांकें और आत्म-विश्लेषण करें क्या हम वास्तव में विनम्रता, क्षमा और प्रेम जैसे गुणों को जी रहे हैं? उन्होंने अपने जीवन के हर पहलू पर साध संगत को महत्ता दी।

समर्पण दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि यह अवसर है यह सोचने का कि क्या हम वाकई अपने जीवन को इन शिक्षाओं से जोड़ पाए हैं? प्रेम, एकता, मानवता और विनम्रता को अपने भीतर बसाकर ही हम इस दिवस को सार्थक बना सकते हैं। यही बाबा जी के प्रति सच्चा आदर और समर्पण होगा।

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सतगुरु माता जी ने श्रद्धेय अवनीत जी का स्मरण करते हुए उन्हें एक सच्चा गुरसिख बताया, जिन्होंने अपने आचरण से समर्पण की मिसाल प्रस्तुत की।

समर्पण दिवस के अवसर पर सत्संग कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने बाबा हरदेव सिंह जी महाराज की याद में विचार, गीत, कविता और भजनों के माध्यम से बाबा जी की करुणा, प्रेम और समर्पण की गूंज को जीवंत किया। निःसंदेह, बाबा हरदेव सिंह जी की दिव्य छवि हर श्रद्धालु के अंतर्मन में एक अमिट स्मृति बन चुकी है। उनके अनगिनत उपकारों के लिए संपूर्ण निरंकारी संसार सदा कृतज्ञ रहेगा। इस क्रम में आज सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज, बाबा जी की शिक्षाओं को आगे बढ़ाते हुए ब्रह्मज्ञान की ज्योति से मानवता को आलोकित कर रहे हैं।

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