नवाचार से उद्यमिता तक: सफल स्टार्टअप निर्माण की राह पर प्रेरक व्याख्यान


नैनीताल । कुमाऊँ विश्वविद्यालय के डायरेक्टोरेट ऑफ विजिटिंग प्रोफेसर, इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन सेंटर तथा आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में “एंजेल इन्वेस्टर्स एंड वेंचर कैपिटल फंडिंग: फ्यूलिंग स्टार्ट अप एंड न्यू वेंचर्स” विषय पर एक ऑनलाइन व्याख्यान/कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय, देहरादून के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के प्राचार्य प्रो. रित्विक दुबे ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में प्रतिभागियों को संबोधित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में प्रो. आशीष तिवारी ने अतिथि वक्ता प्रो. रित्विक दुबे का स्वागत किया और कार्यक्रम के विषय की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम के दौरान प्रो. ललित तिवारी ने आमंत्रित वक्ता प्रो. रित्विक दुबे का परिचय प्रस्तुत किया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवा उद्यमियों को एंजेल निवेश, वेंचर कैपिटल फंडिंग तथा स्टार्ट-अप्स के लिए उपलब्ध वित्तीय अवसरों के बारे में जानकारी प्रदान करना और उन्हें उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम में वक्ता ने नए विचारों को सफल उद्यम में बदलने के लिए धन के साथ-साथ सही मार्गदर्शन, तकनीकी सहयोग और उचित मंच की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि देशभर में उपलब्ध इन्क्यूबेशन सेंटर और सरकारी योजनाएँ नवाचारों को प्रारंभिक स्तर पर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कुमाऊँ विश्वविद्यालय सहित अनेक विश्वविद्यालयों में भी उद्यमिता और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए इन्क्यूबेशन गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि किसी भी विचार को विकसित करने की प्रक्रिया प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट से शुरू होती है, जिसके बाद मिनिमम वायबल प्रोडक्ट तैयार कर उसका परीक्षण किया जाता है। शुरुआत में व्यक्ति अपने व्यक्तिगत धन दोस्तों या परिवार के सहयोग से कार्य प्रारंभ कर सकता है। इसे बूटस्ट्रैपिंग कहा जाता है। इसके बाद इन्क्यूबेटर, स्टार्टअप कार्यक्रम और प्री-सीड फंडिंग के माध्यम से सहायता प्राप्त की जा सकती है। जब विचार और उत्पाद में संभावनाएँ दिखाई देने लगती हैं, तब एंजेल निवेशक और वेंचर कैपिटलिस्ट से संपर्क किया जाता है। वे नए उद्यमों में निवेश करने के साथ-साथ मार्गदर्शन और नेटवर्किंग में भी सहायता करते हैं।
मुंबई में आयोजित द इंडस एंटरप्रेन्योर्स कांफ्रेंस जैसे मंच विभिन्न क्षेत्रों के उद्यमियों, एंजेल निवेशकों और वेंचर कैपिटलिस्ट को एक साथ लाते हैं। यहाँ उद्यमी अपने विचार प्रस्तुत कर सकते हैं और निवेश के अवसर प्राप्त कर सकते हैं। बढ़ते हुए स्टार्टअप को प्रारंभिक स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए एंजेल निवेशक कई बार लगभग 5 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान कर सकते हैं। इसके साथ ही वे अपने अनुभव, विशेषज्ञता, नेटवर्क और व्यवसायिक मार्गदर्शन के माध्यम से उद्यमी को आगे बढ़ने में सहायता करते हैं।
किसी भी नए विचार या नवाचार को आगे बढ़ाने से पहले यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि उस पर आपका बौद्धिक संपदा अधिकार सुरक्षित हो। आपके विचार, तकनीक, उत्पाद या समाधान पर स्वामित्व स्पष्ट होना चाहिए, ताकि भविष्य में आपके व्यवसाय और नवाचार की सुरक्षा बनी रहे।
उन्होंने नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन के माध्यम से उपलब्ध फ्रूगल इनोवेशन और जुगाड़ तकनीकों का उल्लेख करते हुए कहा कि कम लागत वाले उपयोगी विचारों को व्यावसायिक रूप देकर समाज के लिए लाभकारी बनाया जा सकता है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी नवाचार या स्टार्टअप के लिए सबसे बड़ी चुनौती धन नहीं, बल्कि एक व्यवहारिक और उपयोगी विचार का होना है। यदि विचार समाज की वास्तविक समस्या का समाधान करता है और उसे सफलतापूर्वक प्रदर्शित किया जा सकता है, तो उसके लिए वित्तीय सहायता और निवेश के अवसर प्राप्त किए जा सकते हैं।
व्याख्यान में 50 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वक्ता ने अपने संबोधन में अनेक वास्तविक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप विकास की प्रक्रिया को समझाया। सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका वक्ता ने विस्तारपूर्वक उत्तर देते हुए उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. रितिशा शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया और उनके प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक संबोधन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस व्याख्यान से प्रतिभागियों को नवाचार, उद्यमिता और अपने विचारों को व्यावहारिक रूप देने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। कार्यक्रम का सफल संचालन निदेशक विजिटिंग प्रोफेसर प्रो. ललित तिवारी ने किया उन्होंने अपने संबोधन में कहा एक मजबूत विचार, सही दिशा, मेहनत और उचित मार्गदर्शन के माध्यम से आगे बढ़कर सफल उत्पाद या व्यवसाय में परिवर्तित हो सकता है। निदेशक इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन सेल प्रॉफ आशीष तिवारी ने सभी का स्वागत किया । कार्यशाला में प्रॉफ लज्जा भट्ट ,प्रॉफ गीता तिवारी , प्रॉफ हरिप्रिया पाठक ,डॉ रीमा मिश्रा , प्रॉफ अनिल जोशी ,डॉ हृदेश शर्मा ,डॉ नंदन मेहरा दे श्रुति साह ,सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे ।