उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में कांवली रोड एवं एम.डी.डी.ए. क्षेत्र में वृहद स्वच्छता अभियान, जिला प्रशासन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नगर निगम, एनजीओ एवं स्थानीय नागरिकों ने मिलकर किया श्रमदान

देहरादून, । मुख्य न्यायाधीश,उच्च न्यायालय, उत्तराखण्ड, नैनीताल के आदेशों के अनुपालन में जिला प्रशासन , जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा नगर निगम देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में कांवली रोड एवं एम.डी.डी.ए. क्षेत्र में वृहद स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया।
इस स्वच्छता अभियान में प्रातः से ही जिलाधिकारी, देहरादून डॉ. आशीष चौहान, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती सीमा डुँगराकोटी, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) श्रीमती स्मृता परमार, उप जिलाधिकारी, तहसीलदार श्री सुरेन्द्र देव, नगर निगम देहरादून के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आनंद शुक्ला सहित प्रशासन एवं नगर निगम के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। अभियान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारीगण एवं पराविधिक कार्यकर्ता (PLVs), विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, स्थानीय पार्षद तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भी सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया।

अभियान के दौरान कांवली रोड के विभिन्न स्थानों पर लंबे समय से एकत्रित कूड़े-कचरे को टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर हटाया गया तथा व्यापक साफ-सफाई की गई। अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ताओं, PLVs तथा स्थानीय नागरिकों ने भी श्रमदान करते हुए स्वच्छता अभियान में सहभागिता की। इसी क्रम में कांवली रोड क्षेत्र स्थित एक पार्क में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया, जहां आसपास के घरों से बड़ी मात्रा में कूड़ा एकत्र हो गया था। अधिकारियों, कर्मचारियों, एनजीओ कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से पार्क तथा उसके आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई की और बड़ी मात्रा में कूड़ा हटाया गया। अभियान के दौरान स्थानीय नागरिकों से संवाद करते हुए उन्हें सार्वजनिक स्थलों एवं पार्कों में कूड़ा न डालने तथा अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया।
अभियान में ‘वेस्ट वारियर्स’, ‘वर्क फॉर कंपैशन’ एवं ‘मस्तीजादे फाउंडेशन’ सहित विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। इस दौरान स्थानीय नागरिकों को यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल प्रशासन या नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी और सामाजिक दायित्व है।

इस अवसर पर ज़िलाधिकारी देहरादून डॉ० आशीष चौहान ने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में आयोजित यह अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य जनसहभागिता के माध्यम से स्वच्छता के प्रति स्थायी जागरूकता एवं नागरिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है।उन्होंने कहा कि “यदि हम अपने घर के साथ-साथ अपने आसपास के सार्वजनिक स्थानों को भी अपना समझकर उनकी स्वच्छता की जिम्मेदारी लें, तो स्वच्छ एवं सुंदर देहरादून के संकल्प को साकार किया जा सकता है।” उन्होंने स्थानीय जनता से अपील की कि वे भविष्य में भी आपसी सहयोग से अपने मोहल्लों, सड़कों, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

ज़िलाधिकारी ने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में जिले को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ,जिला प्रशासन, नगर निगम, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं आमजन के सहयोग से ऐसे अभियान निरंतर आयोजित किए जाएंगे।

अभियान के अंत में उपस्थित अधिकारियों एवं प्रतिभागियों द्वारा आमजन से “स्वच्छता अपनाएं, कूड़ा न फैलाएं और अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने में सहभागी बनें” का संदेश दिया गया। इस वृहद अभियान ने स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ देहरादून के निर्माण का प्रभावी संदेश दिया।

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