उत्तराखण्ड केंद्रीय पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की कार्यकारिणी बैठक प्रगति विहार स्थित कम्युनिटी सेंटर में अध्यक्ष बलवीर सिंह नेगी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई

नैनीताल । उत्तराखण्ड केंद्रीय पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की कार्यकारिणी बैठक प्रगति विहार स्थित कम्युनिटी सेंटर में अध्यक्ष बलवीर सिंह नेगी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में पेंशनर्स से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यकारिणी सदस्यों ने हल्द्वानी में सीजीएचएस डिस्पेंसरी खोले जाने में हो रहे विलम्ब तथा हाथीबड़कला स्थित डिस्पेंसरी को सीजीएचएस के अंतर्गत लाने में देरी पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। सदस्यों ने कहा कि वरिष्ठ पेंशनर्स को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु इन मामलों का शीघ्र समाधान आवश्यक है।
बैठक में एसोसिएशन को अधिक प्रभावी एवं सशक्त बनाने के उद्देश्य से निम्न समितियों का गठन किया गया-
बायलॉज संशोधन समिति
तिलक राज शर्मा, एन. एन. बलूनी, के.पी. मेठानी, आनंद सिंह रावत, आर.पी. उनियाल एवं पदम सिंह।
लोक कल्याण समिति:-
डॉ. स्वामी एस. चंद्रा, उमेश्वर सिंह रावत, अनिल उनियाल एवं जयानंद घिंडियाल।
सीजीएचएस बेनिफिशियरीज समिति:-
रविन्द्र दत्त सेमवाल, पी.के. सिंह, एस.के. विमल, नीलकमल जोशी, श्रीमती मधु अरोड़ा एवं शांति प्रसाद।
डीओपीपीडब्ल्यू समिति:-
बी.एस. नेगी, आर. डी. सेमवाल, गणेश कोठारी एवं धर्म सिंह।
अनुशासन समिति:-
एच.एस. काला, आर.पी. उनियाल, अशोक शंकर, के.पी. मेठानी एवं उमेश्वर सिंह रावत।
सदस्यता संशोधन समिति:-
पी.के. सिंह, अरविन्द किशोर बहुखण्डी, अविनाश कांत शर्मा, एस.के. विमल, गणेश कोठारी, श्रीमती मधु अरोड़ा, जग नंदन शर्मा, नीलकंठ जोशी एवं राजेन्द्र शास्त्री।
वित्त समिति:-
डी.पी. बहुगुणा, अशोक शंकर एवं इन्द्रपाल सिंह पुंडीर।
महासचिव रविन्द्र दत्त सेमवाल ने जानकारी दी कि एसोसिएशन द्वारा एससीओवीए(SCOVA) बैठक एवं आठवें वेतन आयोग (8th CPC) से संबंधित विषयों में पेंशनर्स के हितों का प्रभावी पक्ष रखा गया है।
बैठक में यह भी मांग उठाई गई कि अनलिस्टेड टेस्ट एवं इम्प्लांट के लिए वर्तमान कोटेशन प्रक्रिया को सरल बनाया जाए, ताकि पेंशनर्स को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
अध्यक्ष बलवीर सिंह नेगी ने सभी पेंशनर्स से अपील की कि वे अपने पीपीओ में दर्ज पारिवारिक विवरणों का आधार, पैन एवं बैंक खातों से सत्यापित अवश्य कर लें, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक अथवा वित्तीय समस्या से बचा जा सके।
बैठक में बड़ी संख्या में कार्यकारिणी सदस्यों एवं पेंशनर्स ने सहभागिता की।