प्रधानमंत्री की मितव्ययिता अपील का असर: कुमाऊँ विश्वविद्यालय में अब अधिकांश बैठकें होंगी ऑनलाइन
नैनीताल, प्रधानमंत्री द्वारा सरकारी संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों से अनावश्यक खर्चों में कटौती और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील के क्रम में कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने समय एवं वित्तीय मितव्ययिता को ध्यान में रखते हुए आगामी आदेशों तक विश्वविद्यालय की अधिकांश बैठकों को ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करने के निर्देश जारी किए हैं।
विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलसचिव द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार विश्वविद्यालय की वैधानिक निकायों की बैठकें, शोध की मौखिक परीक्षाएं तथा विभिन्न संकायों एवं विभागों की अन्य बैठकें अब ऑनलाइन माध्यम से संपन्न कराई जाएंगी। केवल अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में ऑफलाइन बैठक आयोजित की जा सकेगी, जिसके लिए कुलपति से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस निर्णय से समय की बचत के साथ-साथ यात्रा एवं अन्य प्रशासनिक व्ययों में भी कमी आएगी। साथ ही डिजिटल कार्यसंस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और कार्यों के निष्पादन में तेजी आएगी।
उल्लेखनीय है कि हाल के समय में प्रधानमंत्री द्वारा विभिन्न सरकारी संस्थानों से संसाधनों के बेहतर उपयोग, डिजिटल माध्यमों को बढ़ावा देने तथा अनावश्यक खर्चों में कमी लाने की अपील की गई थी। कुमाऊँ विश्वविद्यालय का यह निर्णय उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।












