05 यूके नेवल एनसीसी यूनिट नैनीताल के तत्वाधान में रविवार को एनसीसी दिवस के उपलक्ष्य में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया

नैनीताल l प्रतिवर्ष नवंबर माह के आखिरी रविवार को एनसीसी दिवस मनाया जाता है इस उपलक्ष में आज एनसीसी अधिकारियों तथा कैडेट्स द्वारा रक्तदान किया गया।
रक्तदान शिविर में बीडी पांडे चिकित्सालय नैनीताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ एम एस दुग्ताल ने एनसीसी कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि रक्त दान को लेकर आज भी लोगों के मन में कई सारी गलत धारणाएं मौजूद हैं। ज्यादातर लोग ऐसा सोचते हैं कि ब्लड डोनेट करने से कमजोरी आ जाती है और फिर कई बीमारियां लग सकती हैं जो कि पूरी तरह से गलत अवधारणा है। अस्पताल में जाने वाले कई लोगों को खून की जरूरत होती है, कई बार खून की कमी से लोगों की जान तक चली जाती है। रक्त प्रकृति द्वारा हमे दिया गया सबसे मूल्यवान उपहार है, हम इसके माध्यम से लोगों की कई तरह से मदद कर सकते हैं। रक्तदान का मतलब होता है कि किसी को कहीं न कहीं बहुत जरूरी सहायता मिलेगी, और आप किसी आपात स्थिति में किसी की जान बचा रहे होंगे।
05 यू के नेवल यूनिट एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन चंद्र विजय नेगी ने कहा कि रक्त दान को महादान माना गया है।अपना रक्त दान कर किसी जिंदगी बचा सकते हैं। उन्होंने कैडेट्स के रक्तदान के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की तथा एनसीसी दिवस पर अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की।
डीएसबी परिसर नैनीताल के एनसीसी अधिकारी सब लेफ्टिनेंट डॉ रीतेश साह ने कहा कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के अंतर्गत एनसीसी कैडेट्स द्वारा रक्तदान किया जा रहा है जो समाज के प्रति एनसीसी कैडेट्स की जागरूकता को प्रदर्शित करता है।
एनसीसी दिवस पर आयोजित इस रक्तदान शिविर में सब लेफ्टिनेंट डॉ रीतेश साह, सब ले नवीन धुसिया, चीफ इंस्ट्रक्टर जय भान, इन्स्ट्रक्टर राजीव प्रामाणिक, कैडेट कैप्टन हिमांशु मठपाल, सचिन जलाल, दाबेश कोरंगा, निर्मला बोरा, शिवांगी जोशी , आरती बहुगुणा, मुन्नी गैरा, पूनम पलड़िया, रघुवीर कैरा, हिमांशु गंगवार, नकुल देव साह, सुमित माहरा, मीनाक्षी मेहरा, दिव्य जोशी सहित 27 कैडेट्स द्वारा रक्तदान किया गया।
इस रक्तदान शिविर को सफल बनाने में डॉक्टर ममता पाँगती, कमल बिष्ट,
सब ले गोविंद सिंह बोरा, पी आई स्टाफ हेमंत, हवलदार तारा, गणेश बिष्ट, ब्लड डोनर संस्था के सचिव कुंदन नेगी, श्रीमती सरस्वती खेतवाल, चंदन सिंह रावत, वीरेंद्र सिंह बिष्ट, गोपाल चंद्र आदि सम्मिलित थे।











