एक और महिला बाघ का निवाला बनी

भीमताल ब्लॉक के ज्योली गांव में गुलदार ने एक महिला को निवाला बना लिया है। सूचना मिलते ही जनसंवाद के बीच से ही ब्लॉक प्रमुख डॉo हरीश सिंह बिष्ट मौके के लिए रवाना हुए वहां पहुंचे ब्लॉक प्रमुख डॉ.हरीश बिष्ट ने प्रभागीय वनाधिकारी समेत तमाम अधिकारियों को जानकारी दी।
ब्लॉक प्रमुख डॉ.हरीश बिष्ट ने बताया कि आज दोपहर ज्योलीकोट से लगे ज्योली गांव निवासी दया किशन पांडेय की पत्नी हेमा पांडेय ( 47) चारा लेने जंगल गई थी, तभी गुलदार उसे घसीट कर जंगल की ओर ले गया। सूचना मिलते ही गांव के लोग जंगल की खोजबीन शुरू की। घर से लगभग दो किलोमीटर दूर महिला का शव मिला। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।भीमताल ब्लॉक के अंतर्गत ज्योली गांव में बाघ के हमले से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई।स घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है, जबकि आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर नाराजगी जताई।जानकारी के अनुसार, ज्योली गांव निवासी 52 वर्षीय हेमा पांडे बुधवार सुबह करीब 9 बजे मवेशियों के लिए चारा लेने जंगल गई थीं। उनके साथ गांव की दो अन्य महिलाएं भी मौजूद थीं। कुछ देर बाद जब हेमा पांडे का कोई पता नहीं चला तो साथ गई महिलाएं घबराकर गांव लौटीं और परिजनों तथा ग्रामीणों को घटना की सूचना दी।सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण जंगल पहुंचे और महिला की तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद जंगल से महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ या गुलदार ने महिला को अपना शिकार बनाया।प्रमुख ने कहा यह एक घटना नहीं है विगत वर्ष से वर्तमान तक यह 9,10 वि घटना भीमताल में होना चिंताजनक है वन विभाग इसके लिए ठोस कदम उठाए इससे पहले भी मनोरा क्षेत्र के मोरा गांव में गुलदार के हमले में एक महिला की जान जा चुकी है। उस घटना के बाद वन विभाग ने एक बाघ को पकड़कर आदमखोर घोषित किया था, लेकिन लगातार हो रही घटनाओं से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। वन विभाग के प्रभागीय वनाधिकारी को इसकी सूचना देते हुए घटना स्थल पर पहुंचने के निर्देश के साथ आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। आदमखोर गुलदार से ग्रामीणों को निजात देने को कहा प्रमुख ने कहा छेत्र में एकाएक घटना हो रही वन विभाग इन आदमखोर गुलदार से ग्रामीणों के निजात के लिए उचित कार्रवाई करे
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से बाघ की सक्रियता बनी हुई है, लेकिन वन विभाग प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि आदमखोर बाघ को जल्द से जल्द पकड़कर क्षेत्र को सुरक्षित किया जाए।घटना की सूचना मिलते ही मनोरा रेंज के वन अधिकारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस घटना के बाद पूरे गांव में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।